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पर्व-त्योहार परंपरा के दायरे में, उपद्रव बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री

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पर्व-त्योहार परंपरा के दायरे में, उपद्रव बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री


-मुख्यमंत्री योगी का सख्त संदेश, त्योहारों पर शांति सर्वोपरि, माहौल बिगाड़ने वालों के विरुद्ध होगी कठोर कार्रवाई

लखनऊ, 18 मार्च (हि. स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ पर कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कहा है कि पर्व-त्योहारों के दौरान सार्वजनिक उद्दंडता और माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा, ऐसी हर घटना के दोषियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस के साथ कठोरतम कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर हाल में शांति, सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित किया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। साथ ही, धार्मिक आयोजनों में परंपरागत स्वरूप का ही पालन कराया जाए और किसी भी नई परंपरा की अनुमति न दी जाए।

बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने गुरुवार से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्र, 20 मार्च को अलविदा की नमाज और 21 मार्च को ईद-उल-फितर के मद्देनज़र व्यापक तैयारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देशित किया कि संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन, पेयजल, प्रकाश और स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।

बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, गाजियाबाद, जालौन, गोरखपुर, आगरा, जौनपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में हाल में हुई आपराधिक घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई का ब्यौरा लिया। उन्होंने दो टूक कहा कि अपराध की एक भी घटना पूरे समाज का माहौल बिगाड़ती है, इसलिए हर शिकायत और हर घटना को गंभीरता से लिया जाए। दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। चेन स्नेचिंग की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने पीआरवी-112 वाहनों की निरंतर गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि अपराधियों में पुलिस की वर्दी का खौफ होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानकों के भीतर ही रखी जाए, अन्यथा सख्ती से हटाने की कार्रवाई की जाए। बाइक स्टंटबाजी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने इसे तत्काल रोकने के निर्देश दिए।

एलपीजी आपूर्ति के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच भी आमजन को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। कृत्रिम कमी, जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। आमजन की समस्याओं का त्वरित और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित किया जाए।

अयोध्या और मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संबंधित जिलाधिकारियों ने तैयारियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए नोडल अधिकारियों की तैनाती, समयबद्ध धनराशि भुगतान और गोवंश के संरक्षण, चारा व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक से पूर्व पुलिस महानिदेशक ने अवगत कराया कि चैत्र नवरात्र, ईद-उल-फितर और आगामी श्रीरामनवमी के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु पुलिस बल पूरी तरह सतर्क है तथा फुट पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला