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जलभराव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : मुख्यमंत्री योगी

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जलभराव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : मुख्यमंत्री योगी


जलभराव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : मुख्यमंत्री योगी


गोरखपुर, 22 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर महानगर में जलभराव की समस्या को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में जलभराव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान शहर के किसी भी हिस्से में पानी जमा नहीं होना चाहिए। यदि जल निकासी व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री बुधवार को एनेक्सी भवन सभागार में जिले के विकास कार्यों, बाढ़ बचाव तथा जलनिकासी की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने नगर निगम, सिंचाई, लोक निर्माण, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्हाेंने कहा कि शहर के सभी बड़े और छोटे नालों तथा नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। जहां आवश्यक हो वहां अतिक्रमण हटाकर जल निकासी का मार्ग साफ कराया जाए। बारिश के समय नगर निगम के सभी पंप पूरी क्षमता से संचालित हों ताकि कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने नाला निर्माण एवं मरम्मत के प्रस्ताव समय से तैयार कर निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए। राप्ती कॉम्प्लेक्स, गोरक्ष एंक्लेव, विजय चौराहा और धर्मशाला क्षेत्र में पूर्व में हुई जलभराव की स्थिति की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नालों की सफाई के बाद उन्हें ढका जाए तथा कोई भी नाली खुली न छोड़ी जाए।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक और जनभागीदारी से स्वच्छता अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जाए ताकि नालियां चोक न हों। उन्होंने नागरिकों को भी जागरूक करने पर जोर देते हुए कहा कि लोग कूड़ा नालियों में न डालें। प्रत्येक वार्ड, मलिन बस्ती और खाली भूखंडों की नियमित सफाई कराई जाए। फॉगिंग, छिड़काव और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था भी प्रभावी ढंग से संचालित की जाए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता अभियान को नियमित कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाया जाए और इसमें जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी शासकीय भवनों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित किया जाए। सभी स्ट्रीट लाइटें सुचारु रूप से कार्य करें तथा सार्वजनिक सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह क्रियाशील और अद्यतन रहें।

बैठक में मुख्यमंत्री ने नगर निगम को निर्देशित किया कि बेसहारा गोवंश सड़कों पर न दिखाई दें। इनके संरक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए डॉग शेल्टर विकसित किए जाएं ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध रहे, ताकि बारिश और बाढ़ के मौसम में किसी भी आपात स्थिति का तुरंत सामना किया जा सके।

बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी तटबंधों की नियमित पेट्रोलिंग की जाए। बाढ़ चौकियां पूरी तरह सक्रिय रहें तथा राहत केंद्रों पर भोजन, चिकित्सा, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विशेष स्वास्थ्य निगरानी रखी जाए तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दोहराते हुए कहा कि हर अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करे। कहीं भी ऐसा वातावरण न बनने पाए जिससे जनता को कठिनाई हो या प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न उठे। समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि बारिश और बाढ़ के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय