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मुख्यमंत्री योगी ने महानवमी पर प्रदेशवासियों को पाती लिख कर दी शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री योगी ने महानवमी पर प्रदेशवासियों को पाती लिख कर दी शुभकामनाएं


लखनऊ, 19 अक्टूबर (हि. स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखकर महानवमी और विजयदशमी की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपनी पाती में लिखा है कि अन्याय, धर्म कितना भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है।

आप सभी को शक्ति से सृजन के महापर्व शारदीय नवरात्र की महानवमी की हृदय से बधाई एवं विजयादशमी की अनंत शुभकामनाएं। मां दुर्गा का प्रबल पराक्रम और प्रभु श्रीराम का धर्मनिष्ठ जीवन हमें अन्याय के प्रतिकार, नारी-सम्मान तथा कर्तव्यपालन की प्रेरणा देता है। अन्यायी एवं अधर्मी चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। विजयादशमी इसी शाश्वत सत्य का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति विजय के उल्लास में विनम्रता और ज्ञान के प्रति सम्मान का भाव भी सिखाती है। लंका विजय के पश्चात प्रभु श्रीराम ने अपने अनुज लक्ष्मण जी को मृत्यु शय्या पर पड़े रावण से ज्ञान प्राप्त करने के लिए भेजा। प्रभु श्रीराम ने स्वर्णमयी लंका के वैभव के बजाय जन्मभूमि अयोध्या को वरीयता दी और लंका का राजपाट उसके उत्तराधिकारी को सौंपा। उनके श्रीमुख से निकले शब्द, “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”, मां और मातृभूमि के प्रति प्रेम और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने लिखा कि विजयादशमी के व्यापक संदेश में आत्मसंयम, समता, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्य हमारी विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में अलग-अलग रूपों में अभिव्यक्त होते हैं। प्रभु श्रीराम का जीवन समरसता और सामाजिक एकात्मता का प्रतीक है। रामलीला का मंचन हो या इसे देखने के लिए आने वाले दर्शक, सब बिना किसी भेदभाव के उत्साह के साथ इन उत्सवों में हिस्सा लेते हैं। प्रभु श्रीराम कथा के आदर्श भारतवर्ष तक ही सीमित नहीं हैं, अपितु विश्व के अनेक देशों की सांस्कृतिक परंपराओं में घुलमिल गए हैं। इन आदर्शों की सार्थकता तभी है, जब वे हमारे आचरण और शासन-व्यवस्था में भी प्रतिबिंबित हों।

मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप हमारी सरकार ने प्रदेश में कानून के शासन और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। माफिया और संगठित अपराध के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर भयमुक्त वातावरण बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं। माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनाए गए हैं। मुझे संतोष है कि इसी क्रम में प्रयागराज के कसारी-मसारी में माफिया के कब्जे से मुक्त भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनेंगे। यह क्षेत्र ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित होगा। अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति ने कानून के प्रति विश्वास सुदृढ़ करने और निवेश, उद्योग एवं विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में योगदान दिया है।

सुरक्षित एवं समरस समाज के निर्माण के लिए शासन के प्रयासों के साथ जनभागीदारी भी आवश्यक है। मेरा आपसे विशेष आग्रह है कि इस विजयादशमी पर अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता रूपी रावण के दहन के साथ नशे की लत, पारिवारिक कलह, जातीय भेदभाव और दहेज-प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति का संकल्प भी लें। यदि हमारे आसपास कोई व्यक्ति किसी व्यसन से पीड़ित है, तो उसे तिरस्कार नहीं, सहयोग और संवेदना देते हुए स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें। सामूहिक संकल्प और जनभागीदारी से ही स्वस्थ परिवार, सशक्त समाज और समृद्ध उत्तर प्रदेश का स्वप्न साकार होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला