home page

जनता दर्शन में समस्याएं सुनकर बोले मुख्यमंत्री— कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक

 | 
जनता दर्शन में समस्याएं सुनकर बोले मुख्यमंत्री— कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक


जनता दर्शन में समस्याएं सुनकर बोले मुख्यमंत्री— कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक


जनता दर्शन में समस्याएं सुनकर बोले मुख्यमंत्री— कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक


जनता दर्शन में समस्याएं सुनकर बोले मुख्यमंत्री— कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक


गोरखपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। जनता की सेवा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह बारिश होने के बावजूद ‘जनता दर्शन’ किया। दूरदराज से आए लोगों से उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। समस्या लेकर आए लोगों को मुख्यमंत्री ने समाधान का भरोसा दिया। इस अवसर पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ जबरन कब्जा करने वालों को कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ गाेरखपुर प्रवास पर हैं। गुरुवार काे बारिश की वजह से मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोगों की सुविधा के लिए जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी पीड़ा जानी और आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं।

इस दौरान कुछ महिलाओं ने उनकी जमीन जबरन कब्जा कर लिए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध या जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए।

हर बार की तरह जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय