सपा शासन में भूमाफियाओं ने लोगों को ठगा, हमने दिया सम्मानजनक मुआवजा : मुख्यमंत्री योगी
-गोड़धोइया नाला परियोजना के स्थलीय निरीक्षण के बाद जनसभा में बोले मुख्यमंत्री
गोरखपुर, 22 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर की महत्वाकांक्षी 495 करोड़ रुपये लागत वाली गोड़धोइया नाला पुनरोद्धार परियोजना का दो स्थानों फातिमा हॉस्पिटल के समीप तथा जेल बाईपास के पास स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद जेल बाईपास पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में भूमाफियाओं ने सरकारी जमीनों पर फर्जी इंदराज कराकर भोले-भाले लोगों को ठगने का काम किया था। भाजपा सरकार ने परियोजना के दौरान प्रभावित ऐसे लोगों को सम्मानजनक मुआवजा देकर न्याय दिलाया है।
मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि सरकार विकास कार्यों को केवल निर्माण तक सीमित नहीं रखती, बल्कि जनता के हितों और उनके सम्मान का भी पूरा ध्यान रखती है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अनजाने में ऐसी जमीनें खरीदी थीं, जिन पर भूमाफियाओं ने फर्जी तरीके से कब्जा कर बिक्री की थी, उन्हें सरकार ने विधिसम्मत तरीके से मुआवजा उपलब्ध कराया। यह सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रमाण है।
जनसहयोग से साकार हुआ पुनरोद्धार का सपना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोड़धोइया नाला परियोजना जनता के सहयोग और सकारात्मक सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े विकास कार्य के लिए जनभागीदारी और जागरूकता अत्यंत आवश्यक होती है। गोरखपुरवासियों ने इस परियोजना में सहयोग देकर शहर को जलभराव की गंभीर समस्या से मुक्ति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अब 15 घंटे की मूसलाधार बारिश भी नहीं बनती संकट
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब गोड़धोइया नाले के आसपास स्थित महानगर के उत्तरी क्षेत्र के 17 वार्ड हर बारिश में जलमग्न हो जाते थे। घरों और सड़कों पर पानी भर जाता था तथा लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता था। लेकिन अब इस नाले के पुनरोद्धार के बाद स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में लगभग 15 घंटे तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बावजूद उत्तरी क्षेत्र में कहीं भी जलभराव नहीं हुआ। गोड़धोइया नाले ने पूरे क्षेत्र का पानी तेजी से निकाल दिया।
नदी जैसा स्वरूप, आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि लगभग 9.50 किलोमीटर लंबे और 10 मीटर चौड़े गोड़धोइया नाले को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। इसके साथ 18 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जा रही है ताकि अब सीवर का गंदा पानी सीधे नाले में न गिरे।
उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत 36 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तैयार हो चुका है। इसके अलावा 14 पुलों तथा 61 एमएलडी क्षमता वाले मास्टर पंप स्टेशन का निर्माण भी पूर्ण हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में नाले के दोनों किनारों पर सड़क बनाई जाएगी। साथ ही रेलिंग, फुटपाथ, आकर्षक लाइटिंग तथा सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे, ताकि लोग सुरक्षित आवागमन कर सकें और दुर्घटनाओं की संभावना समाप्त हो।
50 से 100 वर्षों तक मिलेगी राहत, लेकिन जनता को निभानी होगी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे नाले में कूड़ा-कचरा और गंदगी न डालें। उन्होंने कहा कि यदि इस परियोजना का सही ढंग से संरक्षण किया गया तो आने वाले 50 से 100 वर्षों तक गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र में जलभराव की समस्या उत्पन्न नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि वर्षा का पानी गोड़धोइया नाले के माध्यम से रामगढ़ताल, तरकुलानी होते हुए राप्ती नदी तक सहज रूप से पहुंच सकेगा। लेकिन यदि नाले में अतिक्रमण किया गया या कूड़ा डाला गया तो जलनिकासी बाधित होगी, जिससे जलभराव, दुर्गंध और बीमारियों की समस्या फिर उत्पन्न हो सकती है।
इस अवसर पर
रविकिशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, मंडल अध्यक्ष शिशिर वर्मा, प्रदीप सिंह, प्राण तिवारी, आनंद अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

