नौ सालों में उत्तर प्रदेश में तीन गुना बढ़ी महिला श्रम शक्ति : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
-एमएमएमयूटी में गर्ल्स हॉस्टल का भूमि पूजन व शिलान्यास किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
-पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की सीएसआर फंड से होगा निर्माण, 13.67 करोड़ रुपये आएगी लागत
-एमएमएमयूटी में साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का भी उद्घाटन किया सीएम ने, वितरित किए रिसर्च एक्सीलेंस पुरस्कार
गोरखपुर, 25 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार काे गाेरखपुर में कहा है कि 2017 के बाद बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों से बीते नौ सालों में वुमेन वर्क फोर्स (महिला श्रम शक्ति) तीन गुना बढ़ी है। वुमेन वर्क फोर्स का आंकड़ा 12 से बढ़कर 36 प्रतिशत क्रॉस कर चुका है। वर्ष 2017 के पहले महिला सुरक्षा जहां एक बड़ी चुनौती थी तो वहीं अब बिना भय के महिला का तेजी से कामकाजी होना समाज में सुरक्षा का एक मानक बना है।
मुख्यमंत्री योगी बुधवार दोपहर बाद मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में 144 बेडेड गर्ल्स हॉस्टल (बालिका छात्रावास) के भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह गर्ल्स हॉस्टल, पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) फंड से बनवाया जाएगा। इसके निर्माण पर 13.67 करोड़ रुपये की लागत आएगी। गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने एमएमएमयूटी में 4.67 करोड़ रुपये की लागत से बने साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का उद्घाटन किया और रिसर्च एक्सीलेंस पुरस्कार भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने एक पुस्तिका का भी अनावरण किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटी सुरक्षित हो, उसका सम्मान हो और वह स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर होकर के नए भारत के निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन प्रभावी ढंग से कर सके, इस दृष्टि से उसी प्रकार की सुविधा देना आज की आवश्यकता है। इसे ही ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार हर बड़े महानगर में कामकाजी महिलाओं के लिए श्रमजीवी महिला छात्रावास का निर्माण कर रही है। किसी भी समाज में सुरक्षा का मानक भी यही है कि महिलाएं बिना भय के कार्य करने के घर से बाहर निकल सकें। 2017 के बाद सरकार की तरफ से इस दिशा में किए गए प्रयास के परिणाम सबके सामने हैं।
भय के चलते पढ़ने के लिए यूपी से बाहर भेज देते थे बेटियों को
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले यूपी में महिला सुरक्षा चुनौती थी। मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तो बहुत सारे परिवार ऐसे थे जिन्होंने भय से बेटियों को पढ़ने के लिए यूपी के बाहर कहीं छात्रावास में या फिर कहीं रिश्तेदारों के यहां भेज दिया था। आज अच्छा लगता है कि पश्चिमी यूपी हो, मध्य, पूर्वी यूपी या फिर बुंदेलखंड, आज बेटी अपने घर से पढ़ने के लिए जाती है, शहरों में कार्य करने के लिए जाती है। उन्होंने कहा नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में कामकाजी महिलाओं की संख्या 12 फीसदी से कम थी, वह आज बढ़कर के 36 फीसदी हो गई है।
गाेरखपुर सीट पर महिला आरक्षण का असर नही
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सदन में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए संसद से पास नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा है कि 2029 के चुनाव में यह लागू हो जाए। इसे लेकर उन्होंने गोरखपुर के सांसद रविकिशन की चुटकी भी ली और कहा कि इससे उनकी सीट पर असर नहीं होने वाला है, क्योंकि महिलाओं के लिए अलग सीट बन जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज में महिला और पुरुष का भेद समाप्त होता है तो सुखद अनुभूति होती है। अभिभावक जब बेटी और बेटे के बीच में भेद करना बंद करेंगे तभी विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ पाएगी और तभी स्टेबिलिटी (स्थायित्व) आएगी।
यूपी में ग्रेड वन के अब 12 फोरेंसिक साइंस लैब, छह निर्माणाधीन
वर्तमान दौर में फोरेंसिक साइंस लैब की आवश्यकता को समझाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में पुलिस के पास ग्रेड वन के सिर्फ दो फोरेंसिक साइंस लैब थे। आज यूपी में ग्रेड वन के 12 फोरेंसिक साइंस लैब है, जबकि छह निर्माणाधीन हैं। लखनऊ में पुलिस के लिए विश्व स्तरीय फोरेंसिक साइंस इंस्टिट्यूट स्थापित हो चुका है। यहां फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पाठ्यक्रमों की शुरुआत भी हो चुकी है।
तीन नए कानून लागू होने के बाद सात वर्ष से अधिक सजा में फोरेंसिक साक्ष्य अनिवार्य
सीएम योगी ने कहा कि देश में तीन नए कानून लागू होने के बाद सात वर्ष से ऊपर की सजा के लिए किसी भी आपराधिक मामले में फोरेंसिक साक्ष्य को अनिवार्य कर दिया गया है। अगर फोरेंसिक साक्ष्य नहीं होगा तो अपराधी छूट जाएगा। इसके लिए सरकार ने सभी 75 जनपदों में दो-दो मोबाइल फोरेंसिक लैब उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि फोरेंसिक साइंस के बढ़ते महत्व को देखते हुए इसमें जरूरी मैनपावर की पूर्ति के लिए सरकार ने लखनऊ में फोरेंसिक साइंस इंस्टिट्यूट की स्थापना की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले सिर्फ दो लैब होने से वर्षों तक साक्ष्य के बारे में कोई रिपोर्ट नहीं आती थी। परिणाम था कि अपराधी छूट जाता था। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में प्रदेश में सिर्फ दो साइबर थाने थे। आज 75 जनपदों में साइबर थाने हैं। प्रदेश के 1681 थानों में एक साइबर हेल्प डेस्क भी है।
अधिक आबादी यूपी की डेमोग्राफिक डिविडेंड और पूंजी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे बड़ी आबादी का राज्य है। वर्ष 2017 के पहले यह राज्य पहचान के लिए मोहताज था। हमने इस आबादी को केवल आबादी नहीं माना। लोग हमें शक की निगाहों से देखते थे। हमने कहा, हमारी जो आबादी है यह भारत का सबसे अच्छा डेमोग्राफिक डिविडेंड है, यह हमारी पूंजी है। यह भारत का स्किल्ड वर्कफोर्स है। हम उसको उसके योग्य बनाएंगे। मानव संसाधन की इस पूंजी को आगे बढ़ने का दायित्व सरकार ने लिया और अलग-अलग क्षेत्र में इसे आगे बढ़ाने का काम किया।
यूपी के टैलेंट को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा तो बनी यूपी की नई तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के अंदर नोएडा व ग्रेटर नोएडा नोएडा आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स का मैन्युफैक्चरिंग हब बना है। कानपुर लेदर और ड्रोन का हब बना है। पूर्वी यूपी ने एग्रीकल्चर के साथ एमएसएमई के नए हब के रूप में अपने आप को स्थापित किया है। लखनऊ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और एआई के रूप में अपने आप को स्थापित कर रहा है। बुंदेलखंड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही 56000 एकड़ में फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और फार्मा पार्क के रूप में अपने आप को तैयार कर रहा है। यह नए यूपी की वह तस्वीर है ।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर में एक सेंटर आफ एक्सीलेंस टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर प्रारंभ किया जा रहा है। महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) उसको आगे बढ़ा रहा है। इसमें एआई लैब, ड्रोन, साइबर क्राइम, स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, थ्री डी प्रिंटिंग से जुड़ी हुई वर्ल्ड क्लास लैब बन चुकी है। उन्होंने कहा कि सेंटर आफ एक्सीलेंस का उद्घाटन 15 अप्रैल को प्रस्तावित किया गया है। उद्घाटन अवसर पर टाटा संस के अध्यक्ष को बुलाया गया है।
एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया; इस अवसर पर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, सरवन निषाद, एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के निदेशक प्रचालन नवीन श्रीवास्तव, स्वतंत्र निदेशक तपस्या पासवान, कार्यपालक निदेशक सीएसआर जसवीर सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का निरीक्षण किया सीएम योगी ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का उद्घाटन करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लैब का निरीक्षण किया। प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने भी विचार व्यक्त किए। मंचीय कार्यक्रम प्रारंभ होने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के परिसर में छात्रों की तरफ से लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। शिक्षक प्रो. राजेश कुमार यादव, डॉ. अजय कुमार बरनवाल, डॉ. धीरेंद्र सिंह, शोध छात्रा कंचन शर्मा और स्नातक तृतीय वर्ष के छात्र राज्यवर्धन राठौर को सम्मानित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

