home page

राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और भारतीय एकता व अखंडता से खिलवाड़ करना बाबा साहब का अपमान : योगी आदित्यनाथ

 | 
राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और भारतीय एकता व अखंडता से खिलवाड़ करना बाबा साहब का अपमान : योगी आदित्यनाथ


राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और भारतीय एकता व अखंडता से खिलवाड़ करना बाबा साहब का अपमान : योगी आदित्यनाथ


राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और भारतीय एकता व अखंडता से खिलवाड़ करना बाबा साहब का अपमान : योगी आदित्यनाथ


'भारत रत्न' बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर भव्य समारोह एवं स्मारिका का विमोचन

लखनऊ , 14 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज संविधान निर्माता बाबा साहब डाॅक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती पर उन्हें नमन करते हुए प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि आज से प्रदेश के सभी 75 जिलों में बाबा साहब की मूर्तियों की सुरक्षा, सौंदर्यीकरण और उन पर छतरी लगाने का शुभारंभ किया गया है और लखनऊ में बाबा साहब के जीवन दर्शन पर शोध करने के लिए उच्च स्तरीय शोध संस्थान बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और भारतीय एकता व अखंडता से खिलवाड़ करना बाबा साहब का अपमान करना है, इसलिए समाज की जिम्मेदारी है कि देश की एकता और अखंडता से खिलवाड़ करने वाली ताकतों का मुखर विरोध करे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार काे लखनऊ में डाॅक्टर अंबेडकर महासभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर महासभा परिसर में स्थापित संविधान निर्माता बाबा साहब डा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर मुख्यमंत्री योगी ने महासभा की स्मारिका भी विमोचन किया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण और बेबी रानी मौर्या, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सदस्य ब्रजलाल उपस्थित रहे।

समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा सरकार की ओर से दलित समाज के लिए किये जा रहे कार्यों का विस्तार से जिक्र करते हुए अपनी हाल की लखीमपुर खीरी का यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1971 में बांग्लादेश से आये दलित हिंदुओं को लखीमपुर खीरी में न तो किसी सरकार ने जमीन दी और न ही नागरिकता लेकिन जब लखीमपुर दौरे पर गये तो एक हजार से अधिक लाेगाें काे जमीन के पट्टे और नागरिकता प्रदान की। उन्होंने मंचस्थ राज्यसभा सदस्य ब्रज लाल की पुस्तक की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें स्वतंत्र भारत के दो दलित नेताओं डा भीमराव अंबेडकर ओर योगेंद्र नाथ मंडल के बारे में लिखा गया जरूर पढें और महासभा में भी पुस्तकें रखें। डाॅक्टर अंबेडकर आज जहां पूरे देश में पूज्यनीय हैं ताे दूसरी ओर याेगेंद्र नाथ मंडल काे काेई याद करने वाला भी नहीं है।

संविधान निर्माता बाबा साहब डा भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्थापित बाबा साहब की मूर्तियों की सुरक्षा, सौंदर्यीकरण और उन पर छतरी लगाने का अभियान शुरु किया है। इसके लिए पर्याप्त बजट दिया गया है और प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण इस पूरे कार्य को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब, ज्योतिबा फुले, संत रविदास महाराज, सातन पासी, महाराजा बिजली पासी समेत सभी दलित व अति पिछडे़ लोगों के महापुरुषों की मूर्तियां लगायी जायेगी और उनकी पूरी सुरक्षा की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने सामाजिक न्याय के पुरोधाओं व महापुरुषों का अपमान किया और उनके रास्ता रोका, वे लोग आज झुनझुना पकड़ाने की कोशिश कर रहे हैं, वैसे ऐसे लोगों से पूछा जाना चाहिए कि बाबा साहब व संत रविदास के नाम पर बने जिले, प्रदेश के सबसे बडे़ चिकित्सा संस्थान का नाम जिस महापुरुष के नाम पर था, तो क्यों बदला गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ के दो विश्वविद्यालयों का नाम बदला गया, इसी प्रकार कन्नौज के मेडिकल कॉलेज का नाम डाॅक्टर अंबेडकर के नाम पर था लेकिन बदल दिया गया पर जब हमारी सरकार आयी तो समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने पहल कर कन्नौज में समारोह आयोजित कर मेडिकल कॉलेज का नाम पुन: बाबा साहब के नाम पर रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कौन लोग हैं जो दलितों और वंचितों को मिलने वाले जमीन के पट्टों से वंचित करने का काम किया और गरीब को मिलने वाले प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया।

समाजवादी पार्टी पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा दलितों और वंचितों को उनके हक से वंचित करने वालाें के नामों में समाजवादी पार्टी के मुखिया का नाम आयेगा जो चांदी का चम्मच लेकर पेदा हुए हैं। इन लोगों ने कभी दलितों - वंचितों को दुख नहीं देखा और लगातार परेशान करते रहे, लेकिन अब यह सब नहीं होने वाला है। हमारी सरकार सामाजिक न्याय दे रही है ओर बटालियन बनायी है। संत रविदास की पावन भूमि वाराणसी में समाजवादी पार्टी कार्यक्रम नहीं होने देती थी लेकिन जब डबल इंजन सरकार बनी तो उसी जमीन पर दो लाख लोगों के लिए पार्क निर्माण किया ओर संत रविदास की प्रतिमा लगायी और चार लेन की सड़क बनायी। इतना ही नहीं अतिथि भवन व अन्न क्षेत्र भी बनाकर भाजपा सरकार ने दी है। याद करिये महर्षि बाल्मीकि की साधना स्थल चित्रकूट में भी समाजवादी पार्टी के गुंडे कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन डबल इंजन सरकार ने जमीन सुरक्षित कर गुंडों के खिलाफ कार्यवाही की।

मुख्यमंत्री ने पंच तीर्थ के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मारक बनाये हैं और देश विदेश में लगातार बाबा साहब की जन्मभूमि व कर्मभूमि पर विकास कार्य हो रहे हैं, जबकि कांग्रेस व समाजवादी पार्टी ने कुछ नहीं किया और इनके नेता दलित महापुरुषों को तोड़ने की धमकी देते थे और आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं लेकिन असलियत सारा समाज जानता है और यही असलियत को छुपाने के लिए कांग्रेस व समाजवादी पार्टी तरह-तरह के काम कर रहे हैं। इन विभाजनकारी ताकतों की पहचान करना जरूरी है, क्योंकि बांग्लादेश में जब दलित युवक की हत्या की गयी तो ये सब चुप रहे। हमेें ध्यान देखना होगा कि बाबा साहेब के विचार और जीवन दर्शन भारत के अनुरूप हैं।

इस मौके पर महासभा के अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य लाल जी प्रसाद निर्मल ने महासभा की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि महासभा परिसर में बाबा साहेब की अस्थियां रखी हुई हैं, इसके लिए उपयुक्त स्थान की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने समाजवादी पार्टी की ओर से दलितों के हक छीने जाने का भी उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि याेगी सरकार लगातार दलितों व वंचितों के लिए काम कर रही है। इस अवसर अतिथियों काे प्रतीक चिह्रन व संविधान की प्रति, स्मारिका की प्रति भेंट की गयी। कार्यक्रम में महासभा के पदाधिकारियों के अलावा बडी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। ---------------

हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह