चयन की प्रक्रिया में भेदभाव और भ्रष्टाचार करके उप्र काे बना दिया गया था बीमारू : मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री ने नव चयनित कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) व दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को लखनऊ में नियुक्ति-पत्र वितरित किये
आयोग के चेयरमैन की डिग्री फर्जी थी, लेकिन वह सलेक्शन कर रहा था : योगी
अब तक 9 लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है : योगी
नियुक्ति पत्र मिलते ही युवकों के खिले चेहरे
लखनऊ, 03 मई (हि.स.)। किसी नौजवान के सपने का चकनाचूर होना यह केवल उस युवा के साथ धोखा नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य के साथ भी धोखा होता है और विकास को बाधित करता है। उत्तर प्रदेश जैसा राज्य वैसे ही बीमार नहीं हुआ इसको चयन की प्रक्रिया में भेदभाव करके बेईमानी और भ्रष्टाचार ने इस राज्य को बीमारू और अराजक प्रदेश बना दिया था। महीनों तक कर्फ्यू वाले प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश में कोई भी व्यक्ति अपने आप को सुरक्षित नहीं महसूस करता था और चयन की प्रक्रिया में इतने भेदभाव होते थे कि न्यायालय को रोकना पड़ता है और हालात ऐसे थे कि अभी हमारे उपमुख्यमंत्री कह रहे थे की परीक्षा कोई और देता था और नियुक्ति पत्र कोई और प्राप्त करता था।
यह बातें रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी के लोकभवन सभागार में आयोजित नव चयनित कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) व दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के लिए नव चयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नव चयनित 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र दिये।
गोरखपुर सांसद के कार्यकाल की एक घटना का जिक्र करते हुए उन्हाेंने कहा कि एक बार कहीं जा रहा था 4-5 बजे का समय था, आगे हाईवे जाम था मैंने पूछा क्यों जाम है तो मुझे पुलिस के अधिकारी आए और बताया कि एक नौजवान ने सुसाइड कर लिया है। वह गांव जहां सुसाइड हुआ था वह मेरे संसदीय क्षेत्र का हिस्सा था तो मैं अपनी गाड़ी से उतरा मैंने कहा मैं जाकर लोगों से मिलता हूं। अधिकारियों ने मुझसे कहा कि लोगों में बड़ा आक्रोश है, आप मत जाइए, मैंने कहा भाई आक्रोश आज है तो मुझे आने वाले समय में वोट मांगने तो जाना ही है तब भी तो ये आक्रोश होगा। मैंने कहा मैं जाऊंगा, मुझे लोगों ने देखा वह शांत हुए। मैं बहुत भौचक्का देख करके मैं उस परिवार से मिला जिस परिवार के नौजवान ने आत्महत्या की थी। मैंने पूछा यह घटना कैसे घटित हुई। परिजनाें ने कहा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में मेरिट में इसका नाम आया था, लेकिन इसको नियुक्ति पत्र नहीं दी गई और उसी से डिप्रेशन में आकर सुसाइड कर ली।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग की भर्ती की प्रक्रिया के बारे में और उस समय की न्यायालय की टिप्पणी के बारे में हर एक नौजवान उस समय त्रस्त था। क्योंकि 9 साल हो गए थे और उस 9 साल में काफी परिवर्तन हुआ है। आप लोग में से काफी लोग उस समय नाबालिक रहे होंगे। वह नहीं जानते हैं उस समय के बारे में यानी जो व्यक्ति एलिजिबल नहीं था वह चेयरमैन हो गया था और जिसकी स्वयं की डिग्री फर्जी थी वह आयोग का चेयरमैन बनकर सिलेक्शन कर रहा था। समाजवादी पार्टी सरकार में इस प्रकार की अराजकता होती थी पैसे का लेनदेन होता था और भर्ती नहीं हो पाती थी
वर्ष 2017 के बाद नियुक्तियों और विकास कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कार्य करने की इच्छा शक्ति और सरकार की स्पष्ट नीति और साफ नियति होनी चाहिए तो परिणाम भी आता है। आज इस दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम है कि हमने अब तक 9 लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। उप्र के अंदर और देश के अंदर किसी भी राज्य में सबसे अधिक नियुक्ति की प्रक्रिया को सकुशल संपन्न व पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने का यह रिकॉर्ड है। अकेले अधीनस्थ चयन आयोग इस वर्ष 32000 नियुक्ति की प्रक्रिया को संपन्न करेगा और शिक्षा चयन आयोग भी हजारों शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी करेगा। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग लगभग 15000 भर्ती करनी है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड वर्तमान में सब इंस्पेक्टर और होमगार्ड की भर्ती की परीक्षा संपन्न हो चुकी है, अगर इन दोनों को मिलाकर देखेंगे तो लगभग 45000 हैं और लगभग इतनी ही और भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है एक वर्ष के अंदर यानी 26-27 के अंदर यूपी के अंदर डेढ़ लाख भर्तियां होंगी।
भर्ती की प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमने यूपी में भर्ती की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का सेंध ना लगे, इसके लिए सख्त कानून भी बनाया है। भर्ती की प्रक्रिया किसी भी प्रकार की धांधली करते हुए पाया जाता है तो उसको आजीवन कारावास की सजा और उसकी पूरी संपत्ति को जब्त करने का कानून भी हमारे पास है हम उसका इस्तेमाल भी करते हैं और इसके परिणाम हैं।
कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, आयुष विभाग के मंत्री दया शंकर मिश्र दयाल, प्रमख सचिव खाद्य एवं औषधि प्रशासन रोशन जैकब सहित सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

