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कुशीनगर: तमकुहीराज में बाढ़ की स्थिति का मुख्यमंत्री योगी ने लिया जायजा

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कुशीनगर: तमकुहीराज में बाढ़ की स्थिति का मुख्यमंत्री योगी ने लिया जायजा


— जनहानि पर चार लाख की सहायता, क्षतिग्रस्त मकान पर पीएम या सीएम आवास योजना से मिलेगा आवास

— फसल नुकसान का होगा सर्वे, पीड़ित किसानों को 10 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश

— नारायणी में अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा पानी, तटबंध टूटा और कई घरों में आया पानी

— एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की दो-दो टीमें और पीएसी की चार यूनिट राहत-बचाव में तैनात

कुशीनगर, 29 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में भाजपा सरकार उनके साथ खड़ी है। जनहानि पर परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। क्षतिग्रस्त मकान पर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिलेगा, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए धनराशि दी जाएगी। फसल नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को 10 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा क्षेत्र तमकुहीराज में नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बेदूपार इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट की और अपने हाथों से कुछ परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेने के साथ जनप्रतिनिधियों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा पानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दिनों तक लगातार भारी बारिश के बाद प्रदेश के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि से लोगों को त्रासदी का सामना करना पड़ा। नेपाल में भी अतिवृष्टि से बड़े पैमाने पर जलजमाव हुआ और वहां का पानी नीचे आ रहा है। सामान्य दिनों में नारायणी नदी से तीन से चार लाख क्यूसेक पानी प्रवाहित होता था, जो पिछले दिनों अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इससे तटबंध टूटा और कई घरों में पानी आया। सरकार सोमवार से स्थिति पर नजर रखे हुए थी। अब मौसम साफ है।

राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमें तथा पीएसी की चार यूनिट तैनात की गई हैं। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें भी सोमवार से काम में जुटी हैं। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सोमवार रात ही प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गए थे। क्षेत्र के सांसद और विधायक भी लगातार सहयोग कर रहे हैं।

पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो दाल के साथ चना, तेल, मसाले, नमक और अन्य सामग्री शामिल है।

मुख्यमंत्री ने राहत कार्य में लगी टीमों को प्रभावित लोगों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचाने और वहां रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

सड़क और तटबंध की होगी मरम्मत

मुख्यमंत्री ने फसलों के नुकसान का सर्वे कर पीड़ित किसानों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित सड़कों और तटबंध की मरम्मत कराने को कहा। सिंचाई विभाग को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों के खेतों को नुकसान न हो।

प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे स्वास्थ्य शिविर

मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। अस्पतालों में सांप या जंगली जानवर के काटने पर तत्काल वैक्सीन उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उपचार में देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरी टीम प्रभावित लोगों के सहयोग के लिए खड़ी है। जनप्रतिनिधि भी राहत और बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करें। इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत क्षेत्र के सांसद, विधायक, जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक