home page

अमेठी : चलती ट्रेन में गर्भवती महिला ने दिया बेटे को जन्म, जच्चा -बच्चा दोनों स्वस्थ

 | 
अमेठी : चलती ट्रेन में गर्भवती महिला ने दिया बेटे को जन्म, जच्चा -बच्चा दोनों स्वस्थ


अमेठी : चलती ट्रेन में गर्भवती महिला ने दिया बेटे को जन्म, जच्चा -बच्चा दोनों स्वस्थ


अमेठी : चलती ट्रेन में गर्भवती महिला ने दिया बेटे को जन्म, जच्चा -बच्चा दोनों स्वस्थ


अमेठी, 04 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली से प्रतापगढ़ जा रही पद्मावत एक्सप्रेस में बुधवार को उस समय किलकारी गूंज उठी, जब एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में बच्चे को जन्म दिया। अमेठी रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही महिला का प्रसव हो गया। ट्रेन में मौजूद महिलाओं ने प्रसव के दौरान उसकी मदद की । रेलवे पुलिस ने अमेठी स्टेशन पर महिला और नवजात को उतारकर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद 108 एंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों की निगरानी में मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।

प्रतापगढ़ जनपद के सांगीपुर थाना क्षेत्र के पूरे छोटी असाई, अमावा निवासी निर्मला वर्मा (35) पत्नी हरिकेश कुमार दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने के लिए पद्मावत एक्सप्रेस में सवार हुई थीं। वह अपने पति के साथ दिल्ली में रहती हैं। मंगलवार शाम उनके पति उन्हें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठाकर वापस लौट गए थे। इसके बाद निर्मला अकेले ही गर्भावस्था में प्रतापगढ़ के लिए रवाना हुई थीं। यात्रा के दौरान रास्ते में अचानक निर्मला देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति को देखते हुए ट्रेन में मौजूद महिलाओं ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए उनकी मदद की। इसी दौरान महिला ने सामान्य प्रसव के जरिए एक बेटे को जन्म दिया। ट्रेन में बच्चे के जन्म की जानकारी मिलने पर रेलवे पुलिस सक्रिय हुई और अमेठी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने पर महिला तथा नवजात को सुरक्षित उतारा गया। रेलवे पुलिस की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मी मौके पर पहुंचे। इसके बाद जच्चा-बच्चा को तत्काल सीएचसी अमेठी लाया गया। यहां मेडिकल ऑफिसर प्रीति सिंह की निगरानी में दोनों का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

मेडिकल ऑफिसर प्रीति सिंह ने बताया कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। एहतियात के तौर पर उन्हें 24 घंटे के ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। महिला के परिजन भी अस्पताल पहुंच चुके हैं। सब कुछ सामान्य रहने पर 24 घंटे बाद दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। नवजात की देखभाल कर रहीं नर्स सिस्टर पूनम मिश्रा ने बताया कि जब बच्चे को अस्पताल लाया गया तो उसकी नाल जुड़ी हुई थी। स्वास्थ्य कर्मियों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए नाल को अलग किया और बच्चे की साफ-सफाई कर उसे दूध पिलाया। इसके बाद नवजात को वार्मर में रखा गया। उन्होंने बताया कि बच्चे का वजन 1 किलो 840 ग्राम है। नवजात सक्रिय है और उसके सभी अंग सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। उसे आवश्यक टीके भी लगाए जा चुके हैं। चलती ट्रेन में अकेले सफर कर रही गर्भवती महिला की सुरक्षित डिलीवरी में ट्रेन की महिला यात्रियों, रेलवे पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता से मां और नवजात को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी। फिलहाल दोनों चिकित्सकों की निगरानी में हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी