अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने बनाई चतुरंगिणी सेना
वाराणसी, 23 मार्च(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में श्रीविद्या मठ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि चतुरंगिणी सेना बनाने का कार्य पूरा हाे गया है। इसका संचालन चतुरंगिणी सभा की ओर से किया जाएगा। सेना में दो लाख 18 हजार 700 सैनिकों की भर्ती होगी और बाद में उन सभी का प्रशिक्षण कराएंगे।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ने बताया कि सेना की ड्रेस पीली होगी और उनके हाथ में फरसा होगा। इसे अगले वर्ष के माघ मेला तक बना लिया जाएगा। चतुरंगिणी सेना का उद्देश्य हिंदुओं को जगाना है। हिन्दुओं को गलत कार्यों से रोकना है। सेना के कार्यों में पहला रोको, टोको और फिर ठोको शामिल किया जाएगा। उन्हाेंने बताया कि महाभारत काल में भी चतुरंगिणी सेना बनी थी, जिसमें पैदल सैनिक, हाथी, घोड़े और रथ हुआ करते थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / शरद

