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कनपुरिया अंदाज़ में जिला प्रशासन की पहल, जनगणना का महत्व बताकर स्थानीय भाषा में की विशेष अपील

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कनपुरिया अंदाज़ में जिला प्रशासन की पहल, जनगणना का महत्व बताकर स्थानीय भाषा में की विशेष अपील


कनपुरिया अंदाज़ में जिला प्रशासन की पहल, जनगणना का महत्व बताकर स्थानीय भाषा में की विशेष अपील


कानपुर, 05 मई (हि.स.)। जनगणना जैसे अहम राष्ट्रीय कार्य को लेकर इस बार उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला प्रशासन ने अनोखा और अपनापन भरा तरीका अपनाया है। कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शहरवासियों के नाम एक खास पत्र जारी करते हुए सीधे कनपुरिया अंदाज़ में सहयोग की अपील की है। पत्र में स्थानीय बोली का इस्तेमाल कर लोगों से कहा गया है कि सही जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण अभियान में भागीदारी निभाएं, ताकि विकास, शिक्षा व स्वास्थ्य की योजनाएं सही आधार पर बन सकें।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस पत्र में जनगणना की उपयोगिता को सरल भाषा में समझाते हुए मंगलवार को बताया कि इससे समाज की वास्तविक स्थिति का पता चलता है और उसी आधार पर शिक्षा, इलाज, आवास सहित जनहित की योजनाएं प्रभावी ढंग से तैयार की जाती हैं। खास बात यह रही कि पूरा संदेश स्थानीय बोलचाल में लिखा गया, जिससे आम लोगों तक बात सीधे और सहज तरीके से पहुंच सके।

पत्र में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है। पहले चरण में सात मई से 21 मई तक नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल https://se.census.gov.in पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर विवरण जुटाएंगे। वहीं दूसरा चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना के रूप में पूरा किया जाएगा।

साथ ही प्रशासन ने यह भरोसा भी दिलाया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत नागरिकों की सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सही और भरोसेमंद आंकड़े ही देश की असली तस्वीर सामने लाते हैं और इन्हीं के आधार पर भविष्य की योजनाएं तैयार होती हैं। जिलाधिकारी की इस पहल को लोगों के बीच सराहना मिल रही है। लोकल भाषा में संदेश देकर प्रशासन ने जनता के साथ सीधा जुड़ाव स्थापित करने की कोशिश की है। उम्मीद की जा रही है कि इस अनोखे कनपुरिया टच से जनगणना में लोगों की भागीदारी और जागरूकता दोनों बढ़ेंगी और विकसित भारत की मजबूत नींव रखने में मदद मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप