विहिप के स्थापना दिवस पर हिंदू समाज को संगठित करने का आह्वान
मीरजापुर, 03 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर में विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को कोन प्रखंड के तिलठी स्थित प्रखंड कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हिंदू समाज को जाति, मत, पंथ और भाषा के भेद से ऊपर उठकर संगठित एवं सशक्त बनाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरविंद सिंह पटेल ने की और संचालन प्रांत सत्संग प्रमुख महेश तिवारी ने किया।
मुख्य अतिथि क्षेत्र सत्संग प्रमुख दिवाकर ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना 1964 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन मुंबई के पवई स्थित सांदीपनी साधनालय में हुई थी। इसका उद्देश्य समाज में व्याप्त छुआछूत और आपसी विषमता को समाप्त कर भेदभाव मुक्त हिंदू समाज का निर्माण करना था। उन्होंने स्थापना के समय उपस्थित प्रमुख संतों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने विश्वभर में रहने वाले हिंदुओं को जाति, मत, पंथ, भाषा और भौगोलिक सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट करने का संकल्प लिया था।
उन्होंने कहा कि 1966, 1978 और 1989 के विश्व हिंदू सम्मेलनों में हिंदू समाज की व्यापक एकजुटता देखने को मिली। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए उन्होंने गोरक्षा, सेवा, घर वापसी, बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी जैसे कार्यों को संगठन की गतिविधियों का हिस्सा बताया।
दिवाकर ने कहा कि अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष में कार्यकर्ताओं को संगठन के कार्यों को और प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में प्रांत उपाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, विद्याभूषण दुबे, विभाग मंत्री रामचंद्र शुक्ल, संगठन मंत्री अमित पाठक, नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, पूर्व प्रांत संगठन मंत्री मनोज श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

