किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसके कार्यकर्ताओं की निष्ठा : अनुपम
उप्र. संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ (भारतीय मजदूर संघ) की बैठक संपन्न
लखनऊ, 31 मई (हि.स.)। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश (भारतीय मजदूर संघ) की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति बैठक आज लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता की अध्यक्षता एवं प्रदेश महामंत्री योगेश उपाध्याय के संचालन में सम्पन्न हुई।
बैठक का शुभारंभ भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम द्वारा भारत माता, भगवान विश्वकर्मा एवं महापुरुषों के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम, विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश संगठन मंत्री रामनिवास, अखिल भारतीय स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ के महामंत्री दिनेश कौशिक, अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष संजय यादव, प्रदेश संयोजिका सुनैना अरोड़ा सहित प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य, जनपद अध्यक्ष, जनपद मंत्री एवं विभिन्न जनपदों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अपने प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शक उद्बोधन में अनुपम ने संगठन की शक्ति, कर्मचारी एकता, अनुशासन, समर्पण एवं राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसके कार्यकर्ताओं की निष्ठा, एकजुटता एवं संघर्षशीलता में निहित होती है। जब कर्मचारी संगठित होकर अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं, तब संगठन न केवल कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में प्रभावी भूमिका निभाता है, बल्कि समाज एवं राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, कर्मचारी हितों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर सक्रिय सहभागिता निभाने तथा भारतीय मजदूर संघ की विचारधारा राष्ट्र हित, विभाग हित एवं कर्मचारी हित को आत्मसात करते हुए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ सदैव श्रमिक एवं कर्मचारी वर्ग के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है और आगे भी यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों की लंबित मांगों, वेतन नीति, स्थानांतरण नीति, स्वास्थ्य बीमा, सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवानिवृत्ति आयु, संगठन विस्तार एवं संगठन सुदृढ़ीकरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यसमिति ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों पर प्रस्तावित एटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (एएमएस) आधारित मोबाइल उपस्थिति व्यवस्था का विरोध करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया। बैठक में कहा गया कि अधिकांश स्वास्थ्य संस्थानों में पहले से बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू है तथा नियमित कर्मचारी उसी व्यवस्था के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करते हैं। ऐसे में केवल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों पर पृथक मोबाइल आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू किया जाना भेदभावपूर्ण एवं अनुचित है।
कार्यसमिति ने यह भी चिंता व्यक्त की कि एएमएस व्यवस्था लागू करने के लिए पृथक बजट एवं संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है, जबकि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांगें जैसे वेतन सुधार, स्वास्थ्य बीमा, सेवा सुरक्षा एवं नियमितीकरण अभी भी लंबित हैं। संगठन ने मांग की कि कर्मचारी हितों की उपेक्षा कर किसी भी नई व्यवस्था को थोपने के बजाय पहले कर्मचारियों की मूलभूत समस्याओं का समाधान किया जाए तथा एएमएस व्यवस्था पर होने वाले व्यय एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर कर्मचारियों की मांगों के समर्थन एवं एएमएस के विरोध में 18 जून 2026 को प्रदेश के समस्त जनपद मुख्यालयों पर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि यदि सरकार द्वारा कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो अक्टूबर 2026 में लखनऊ में प्रदेश स्तरीय विशाल कर्मचारी एकत्रीकरण एवं आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, कर्मचारी एकता को मजबूत करने तथा स्वास्थ्य कर्मियों की आवाज को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का संकल्प लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

