करपात्री जी महाराज और अखंडानंद सरस्वती की जयंती पर गूंजे मंगलाचरण और श्लोक
मीरजापुर, 14 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में मीरजापुर जिले के श्रीमती भागीरथी ट्रस्ट आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, चुनार में शुक्रवार को धर्म सम्राट स्वामी करपात्री महाराज (स्वामी हरिहरानंद ओझा) एवं स्वामी अखंडानंद सरस्वती महाराज की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने मंगलाचरण और श्लोक प्रस्तुत कर दोनों संत विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रमापति त्रिपाठी ने पूर्व प्राध्यापक वीरेंद्र चतुर्वेदी का स्वागत कर किया। इसके बाद स्वामी करपात्री महाराज और स्वामी अखंडानंद सरस्वती की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर माल्यार्पण किया गया।
विद्यार्थियों चंदन द्विवेदी, अर्पित मिश्रा, रूपक पांडेय, सौम्य, शुभम दुबे, मधुर, राजन तिवारी, प्रणव त्रिपाठी और साहिल तिवारी आदि ने मंगलाचरण गीत एवं श्लोकों की मनमोहक प्रस्तुति दी।
अध्यक्षीय संबोधन में पूर्व प्राध्यापक वीरेंद्र चतुर्वेदी ने स्वामी करपात्री महाराज के जीवन और विद्यालय से उनके जुड़ाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वामी करपात्री का महाविद्यालय से विशेष लगाव रहा और वे कई बार यहां आकर विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को सनातन परंपरा से परिचित कराते रहे। उन्होंने गो रक्षा और गंगा की स्वच्छता के लिए उनके योगदान को भी याद किया।
प्राचार्य डॉ. रमापति त्रिपाठी ने कहा कि दोनों महान संतों ने समय-समय पर महाविद्यालय को अपना सान्निध्य और आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्वान और संत समाज के लिए सदैव पूजनीय रहेंगे। कार्यक्रम में प्राध्यापक श्याम किशोर पांडेय, रमापति दीक्षित, विभा, प्रीति, सुनील कुमार दीक्षित समेत शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

