हाईटेंशन तार से किसान की मौत, बिजली विभाग देगा 5 लाख का मुआवजा
बिजनौर, 20 मई (हि.स.)। जनपद बिजनौर के हीमपुर थाना क्षेत्र में खेत पर जा रहे एक बुजुर्ग किसान की हाईटेंशन लाइन के टूटे तार की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया और सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
उक्त घटना हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव पीर उमरी के जंगल में बुधवार सुबह हुई। मृतक की पहचान 65 वर्षीय रमजानी पुत्र सुल्तान के रूप में हुई है, जो खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे।
रमजानी बुधवार तड़के साइकिल से खेतों की ओर जा रहे थे। गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर जंगल में पहले से टूटा पड़ा हाईटेंशन लाइन का तार उनकी चपेट में आ गया। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
कुछ देर बाद जब ग्रामीण खेतों की ओर पहुंचे तो रमजानी का शव पड़ा मिला। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने और मृतक परिवार को मुआवजा देने की मांग की। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही, लेकिन जब शव को डायल 112 वाहन से ले जाया जाने लगा तो परिजन आक्रोशित हो गए।
मृतक की बेटी, बहन और अन्य महिलाएं वाहन के आगे खड़ी हो गईं और शव ले जाने से रोक दिया। करीब आधे घंटे तक मौके पर हंगामा चलता रहा। बाद में पुलिस शव को लेकर हीमपुर दीपा थाने पहुंची।
दीपा थाना क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन के टूटे तार की चपेट में आकर किसान रमजानी की मौत के मामले में देर शाम प्रशासन, पुलिस, बिजली विभाग और परिजनों के बीच वार्ता हुई।
थाने में हुई बातचीत में मृतक के परिवारीजन , भाकियू हिंद के जिलाध्यक्ष बबलू, सीओ चांदपुर देश दीपक सिंह, एसडीएम चांदपुर नितिन तेवतिया और विद्युत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बातचीत के बाद मृतक आश्रित परिवार को विद्युत विभाग की ओर से 5 लाख रुपए मुआवजा देने और घर के बिजली बिल में बकाया राशि में राहत देने पर सहमति बनी।
एसडीएम चांदपुर नितिन तेवतिया ने बताया कि मृतक
परिवार को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही परिवार के घर पर आए करीब एक लाख रुपए के बिजली बिल को भी कम कराया जाएगा।
वहीं सीओ चांदपुर देश दीपक सिंह ने बताया कि किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
फिलहाल परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों का आरोप है कि लाइन काफी समय से जर्जर हालत में थी और हादसे का खतरा बना हुआ था।
कपिल त्यागी ने बताया कि नियमों के अनुसार लाइन में दो तार होने चाहिए, लेकिन यहां केवल सिंगल तार डाला गया है। साथ ही बिजली के पोल करीब 60 मीटर की दूरी पर लगाए जाने चाहिए, जबकि यहां लगभग 100 मीटर की दूरी पर पोल लगाए गए हैं। उनका कहना है कि घटना से एक दिन पहले भी लाइन की शिकायत की गई थी, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। किसानों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण एक किसान की जान चली गई।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेन्द्र

