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बीएचयू में अडानी ग्रुप की पहल पर ‘स्टूडेंट आर्ट कॉम्पिटिशन 2026’, 500 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

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बीएचयू में अडानी ग्रुप की पहल पर ‘स्टूडेंट आर्ट कॉम्पिटिशन 2026’, 500 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा


—सीआईआई बनारस बिनाले के तहत कला कार्यशाला में विद्यार्थियों ने चित्रों के जरिए उकेरी बनारस की सांस्कृतिक विरासत

वाराणसी, 13 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के दृश्य कला संकाय में सीआईआई बनारस बिनाले 2026 के तहत अडानी ग्रुप की पहल पर आयोजित ‘स्टूडेंट आर्ट कॉम्पिटिशन 2026’ में विद्यार्थियों का उत्साह लगातार बना हुआ है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन मंगलवार को भी विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों को आकार देने में सक्रिय भागीदारी की। बीएचयू के विभिन्न संकायों के 500 से अधिक विद्यार्थी इस रचनात्मक आयोजन का हिस्सा बने हैं।

प्रतियोगिता की थीम ‘बनारस: प्रकाश में बुना समय—अतीत, वर्तमान और भविष्य एक चित्र में’ रखी गई है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को बनारस की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पहचान, परंपराओं, जनजीवन और भविष्य की कल्पनाओं को समकालीन कला के जरिए अभिव्यक्त करने का अवसर मिल रहा है।

कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर बीएचयू के छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह, दृश्य कला संकाय की प्रमुख प्रो. जस्मिंदर कौर, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आशीष कुमार गुप्ता, व्यवहारिक कला विभागाध्यक्ष प्रो. मनीष अरोड़ा सहित संकाय के अन्य प्रोफेसर और शिक्षक उपस्थित रहे। इस अवसर पर अडानी ग्रुप के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

बनारस की विरासत को चित्रों में उकेर रहे विद्यार्थी

आयोजन के पहले दिन से ही विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों को चित्रकारी के लिए आवश्यक सामग्री से युक्त आर्ट किट उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और व्यय में अडानी ग्रुप सहयोग कर रहा है। इस पहल का नेतृत्व नम्रता अडानी कर रही हैं, जो अडानी ग्रुप की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीआईआई बनारस कल्चरल बिनाले 2026 की स्टीयरिंग कमेटी की सदस्य हैं। उनके साथ वडोदरा के क्यूरेटर सत्यजीत दबे भी इस आयोजन से जुड़े हैं।

दूसरे दिन प्रतिभागियों ने बनारस के ऐतिहासिक घाटों, सांस्कृतिक परंपराओं, स्थानीय जनजीवन और बदलते शहरी परिदृश्य से प्रेरणा लेकर अपनी कल्पनाओं को कैनवास पर उतारा। उनकी कलाकृतियों में शहर के अतीत, वर्तमान और संभावित भविष्य को कलात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास दिखाई दिया।

अभिनेत्री एवं चित्रकार श्वेता ने बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह

कार्यशाला में मुंबई से आईं टीवी कलाकार एवं चित्रकार श्वेता ने भी भ्रमण किया। उन्होंने विद्यार्थियों की कलाकृतियों का अवलोकन किया और प्रतिभागियों से बातचीत कर उनकी रचनात्मक सोच तथा कलात्मक प्रयोगों की सराहना की। उनकी उपस्थिति से विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहन मिला।

कार्यक्रम के दौरान एक चैनल की टीम ने भी आयोजन में सहभागिता की। टीम ने समाचार रिपोर्टिंग एवं प्रसारण के सिलसिले में विद्यार्थियों और संकाय के शिक्षकों से संवाद किया। विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों के विषय, उनके पीछे की सोच और चित्रकारी की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। वहीं, शिक्षकों ने कला शिक्षा और विद्यार्थियों की रचनात्मक भागीदारी के महत्व पर अपने विचार साझा किए। इसी क्रम में संकाय की आर्ट गैलरी में शिक्षकों ने भी पेंटिंग कार्यशाला के तहत कला-सृजन की गतिविधियां जारी रखीं। विद्यार्थियों और शिक्षकों की समानांतर भागीदारी ने इस आयोजन को कला, शिक्षा और सांस्कृतिक संवाद का साझा मंच प्रदान किया।

250 उत्कृष्ट कलाकृतियों की होगी सार्वजनिक प्रदर्शनी

प्रतियोगिता का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों की चयनित कलाकृतियों की आगामी सार्वजनिक प्रदर्शनी होगी। आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता में प्रस्तुत कलाकृतियों में से उत्कृष्ट 250 कलाकृतियों का चयन किया जाएगा। इन कलाकृतियों को सीआईआई बनारस कल्चरल बिनाले 2026 के दौरान वाराणसी के नमो घाट स्थित चैनल के मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को अपनी कलात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलने के साथ ही बनारस की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को समकालीन कला के माध्यम से व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी