आपदा प्रबंधन की परखी गईं तैयारियां, बाढ़ राहत-बचाव का किया गया अभ्यास
बलरामपुर 11 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा गुरुवार को जनपद की तीनों तहसीलों में राज्य स्तरीय मेगा मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। मार्क ड्रील जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन एवं पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
तहसील सदर क्षेत्र के राप्ती नदी के सिसई घाट पर मॉक ड्रिल के दौरान फ्लड पीएसी की टीम ने नाव पलटने की स्थिति में नदी में डूब रहे लोगों को सुरक्षित बचाने तथा बाढ़ से घिरे ग्रामीणों को निकालकर शरणालय तक पहुंचाने का पूर्वाभ्यास किया। इस अभ्यास में राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन, एसएसबी, एनसीसी,परिवहन,पशुपालन, पंचायतीराज, नागरिक सुरक्षा एवं अन्य विभागों ने भाग लिया। कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय सिसई में बाढ़ शरणालय बनाया गया, जहां प्रभावित ग्रामीणों और मवेशियों को सुरक्षित पहुंचाने तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद राप्ती नदी में लोगों के डूबने की काल्पनिक सूचना पर आईआरएस टीम को सक्रिय किया गया। फ्लड पीएसी के जवानों ने नदी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके साथ ही ठकुरापुर के निकट टापू में फंसे लोगों को मोटरबोट के माध्यम से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने कहा कि मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य बाढ़ आपदा के दौरान विभिन्न विभागों की तत्परता, समन्वय और राहत-बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का परीक्षण करना है। उन्होंने बताया कि जनपद में बाढ़ से बचाव के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, एडीएम ज्योति राय, एएसपी विशाल पांडेय, सीएमओ डॉ. मुकेश रस्तोगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रभाकर कसौधन

