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बागपत में बेटियों की सुरक्षा के लिए हाईटेक पहल, 46 अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर होगी डिजिटल निगरानी

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बागपत में बेटियों की सुरक्षा के लिए हाईटेक पहल, 46 अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर होगी डिजिटल निगरानी


बागपत, 02 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बागपत में जिला प्रशासन ने भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने और जिले के लिंगानुपात में सुधार लाने के उद्देश्य से बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में मंगलवार काे आयोजित पीसीपीएनडीटी एक्ट की समीक्षा बैठक में जिले के सभी 46 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटरों में “एक्टिव ट्रेकर सिस्टम” लगाने का निर्णय लिया गया। इसके लागू होने के बाद प्रत्येक अल्ट्रासाउंड मशीन की गतिविधियों पर डिजिटल निगरानी रखी जाएगी।

यह सिस्टम मशीन के चालू और बंद होने का समय, संचालन अवधि तथा उपयोग से संबंधित अन्य जानकारियां रिकॉर्ड करेगा। इससे रिकॉर्ड और वास्तविक उपयोग के बीच अंतर की पहचान कर अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को सभी सेंटरों के रिकॉर्ड, फॉर्म-एफ और मशीन संचालन का नियमित सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिना पंजीकरण संचालित मशीनों और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल का मानना है कि यह पहल “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मजबूती देने के साथ-साथ अल्ट्रासाउंड सेंटरों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बता दे के पिछले कई वर्षों से हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम बागपत में कई अल्ट्रासाउंड सेंट्रो पर छापामारी कर चुकी है जो या तो वे अवैध रूप से संचालित थे या लिंग जांच कर रहे थे ऐसे में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने स्वास्थ्य विभाग पर शिकंजा करते हुए जनपद के सभी अल्ट्रासाउंड सेंट्रो पर निगरानी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल का कहना है निगरानी से जनपद में लिंग जांच पर शिकंजा कसेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन त्यागी