वाराणसी में जानलेवा चाइनीज मांझे के खिलाफ छात्राओं को किया जागरूक
वाराणसी, 14 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की चपेट में आने से साड़ी कारोबारी की मौत और एक अन्य राहगीर के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के बाद इसके खिलाफ जागरूकता अभियान तेज हो गया है। बुधवार को सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस क्लब के बैनर तले मैदागिन स्थित श्री हरिश्चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज परिसर में जागरूकता अभियान चलाकर छात्राओं को चाइनीज मांझे के खतरों से अवगत कराया गया।
अभियान के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रशासन को पूरे साल सख्ती बरतने की जरूरत है। केवल दुर्घटनाओं के बाद छापेमारी और कार्रवाई करने से इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। यह जानलेवा मांझा अब तक कई लोगों की जान ले चुका है। इसके बावजूद बाजार में चोरी-छिपे इसकी बिक्री जारी रहना गंभीर चिंता का विषय है।
कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. प्रियंका तिवारी ने कहा कि पतंग उड़ाने का शौक सदियों पुराना है लेकिन चाइनीज मांझे के इस्तेमाल ने इसे जानलेवा बना दिया है। इसके कारण लगातार लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर चाइनीज मांझे की चपेट में आने से साड़ी कारोबारी सुनील कुमार गुजराती की मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं। उन्होंने कहा कि किसी हादसे के बाद प्रशासन की सक्रियता बढ़ती है और छापेमारी की जाती है लेकिन इस तरह की कार्रवाई नियमित रूप से होनी चाहिए, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल ने कहा कि चाइनीज मांझे की बरामदगी और बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद इसका कारोबार पूरी तरह बंद नहीं हो पा रहा है। यदि प्रशासन पूरे वर्ष लगातार अभियान चलाकर इसकी बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाए तो कई परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सकता है। उन्होंने पतंग उड़ाने के शौकीनों से अपील की कि जनहित और मानवता को ध्यान में रखते हुए विदेशी चाइनीज मांझे का त्याग करें और पतंगबाजी के लिए सुरक्षित स्वदेशी मांझे का इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि मछोदरी स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर के महंत संत स्वामी प्रेम स्वरूप दास के आह्वान पर यह जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान में श्याम दास गुजराती, ललित गुजराती, बी.डी. टकसाली सहित कॉलेज की छात्राओं ने भागीदारी की।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

