औरैया में यमुना जयंती पर विश्रांत घाट में हुई भव्य आरती, श्रद्धालुओं ने किया दीपदान
औरैया, 24 मार्च (हि. स.)। चैत्र नवरात्रि की छठ के पावन अवसर पर मनाई जाने वाली यमुना जयंती के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश के जनपद औरैया स्थित यमुना तट के प्राचीन विश्रांत घाट पर भव्य यमुना आरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन “एक विचित्र पहल सेवा समिति” द्वारा अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) के नेतृत्व में मंगलवार सुबह श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।
इस धार्मिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद औरैया के अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में शिवकुमार पुरवार मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से यमुना मैया की पूजा-अर्चना की। शंख और घंटों की गूंज के बीच जब आरती शुरू हुई तो पूरा घाट भक्ति के रंग में रंग गया और “जय यमुना मैया” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने यमुना नदी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यमुनोत्री से निकलने वाली यमुना नदी का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है और मान्यता है कि यमुनोत्री धाम की यात्रा किए बिना तीर्थ यात्रा अधूरी मानी जाती है।
महिला शाखा “तुलसी सखी ग्रुप” की अध्यक्ष लक्ष्मी विश्नोई ने पौराणिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि यमराज और यमुना, सूर्य देव की संतान हैं। मान्यता है कि यमराज ने यमुना को यह वरदान दिया था कि जो भी भक्त यमुना में स्नान करेगा, उसे यमलोक के कष्टों से मुक्ति मिलेगी।
आरती के उपरांत श्रद्धालुओं ने दीपदान कर अपने और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और सुरक्षा की कामना की। यमुना तट पर जलते दीपों की जगमगाहट ने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया। इस अवसर पर मंजू गुप्ता, मंगला शुक्ला, प्रिया गुप्ता, अंशु दीक्षित, रानी पोरवाल, मिथिलेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन ने जनपद में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक एकता का संदेश प्रसारित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

