जिलाधिकारी को सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन, यमुना तट के सौंदर्यीकरण की उठी मांग
औरैया, 27 फरवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद औरैया के समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को पांच सूत्रीय मांगों युक्त ज्ञापन सौंपा। समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण तथा स्नान कुंड के जीर्णोद्धार की मांग उठाई गई।
समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना नदी तट पर प्रतिदिन शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग दस अंत्येष्टियां होती हैं, जिनमें हजारों लोगों का आवागमन रहता है। वर्तमान में अंत्येष्टि स्थलों की स्थिति अत्यंत खराब है तथा स्नान कुंड क्षतिग्रस्त होने से लोगों को अंतिम संस्कार एवं पश्चात की धार्मिक क्रियाओं में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में यमुना तट के समतलीकरण, स्नान कुंड के पुनर्निर्माण, नदी में गिर रहे गंदे नालों पर रोक लगाने हेतु वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, धार्मिक पर्वों पर स्नान व आरती स्थल निर्माण, विद्युत शवदाह गृह की स्थापना तथा जालौन मार्ग पर पिंडदान स्थल विकसित किए जाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि नदियों की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए यमुना तट पर अनियंत्रित अंत्येष्टि पर प्रतिबंध लगाया जाएगा तथा नगर पालिका परिषद द्वारा निर्माणाधीन स्थल पर नियमानुसार अंतिम संस्कार कराए जाएंगे। तट पर सूचना बोर्ड एवं बैरिकेडिंग भी कराई जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि यमुना तट के सौंदर्यीकरण के अंतर्गत भगवान भोलेनाथ की विशाल प्रतिमा, स्नान एवं आरती स्थल तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से विद्युत शवदाह गृह की स्थापना की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को होली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए आभार व्यक्त किया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

