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रावण वध और राम राज्याभिषेक की गूंज से भक्तिमय हुआ जैनपुर

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रावण वध और राम राज्याभिषेक की गूंज से भक्तिमय हुआ जैनपुर


रावण वध और राम राज्याभिषेक की गूंज से भक्तिमय हुआ जैनपुर


औरैया, 23 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद औरैया के अजीतमल तहसील क्षेत्र स्थित शिवधाम ऋषि आश्रम, जैनपुर नहर की पटरी पर चल रही श्रीराम कथा के नौवें दिन साेमवार काे भक्तिमय वातावरण चरम पर रहा। कथा वाचक सरस व्यास राज नारायण शास्त्री (राजा पंडित रामायनी) ने रामायण के अंतिम प्रसंग रावण वध और राम राज्याभिषेक का अत्यंत मार्मिक और ओजपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

व्यास जी ने बताया कि रावण वध अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। लंका युद्ध के दौरान भगवान श्रीराम और रावण के बीच भीषण संग्राम हुआ। प्रभु श्रीराम के बाणों से रावण के सिर बार-बार कटते थे, किंतु वरदान के कारण वे पुनः निकल आते थे। रावण को ब्रह्माजी से यह वरदान प्राप्त था कि उसकी नाभि में अमृत स्थित है, जिससे वह अजेय बना रहता था। तभी रावण के धर्मपरायण भाई विभीषण ने श्रीराम को यह रहस्य बताया कि रावण का अंत तभी संभव है जब उसकी नाभि में स्थित अमृत को सुखाया जाए। तब श्रीराम ने अग्निदेव द्वारा प्रदत्त दिव्य अस्त्र ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया। प्रभु के बाण ने रावण की नाभि पर प्रहार किया और उसका अंत हुआ। पूरा पांडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।

कथा के दौरान सीता माता की मुक्ति, अग्निपरीक्षा और पुष्पक विमान से अयोध्या वापसी का भावपूर्ण वर्णन किया गया। व्यास जी ने बताया कि अयोध्या वासियों ने दीप जलाकर प्रभु श्रीराम का स्वागत किया, जिसे आज हम दीपावली के रूप में मनाते हैं। इसके उपरांत भगवान श्रीराम का भव्य राज्याभिषेक हुआ और रामराज्य की स्थापना हुई, जो न्याय, धर्म और आदर्श शासन का प्रतीक है।

इस अवसर पर औरैया नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने धर्म और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया भी अपने कार्यकर्ताओं सहित कथा में पहुंचे।

कथा आयोजन के संयोजक प्रेम गिरी महाराज ने बताया कि मंगलवार को भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सादर पधारने की अपील की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार