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राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जयंती पर सजा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

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राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जयंती पर सजा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन


औरैया, 04 अगस्त (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती के अवसर पर गहोई वैश्य सेवा समिति के तत्वावधान में मंगलवार को आध्या होटल में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में राष्ट्रभक्ति, वीर, हास्य, श्रृंगार और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कविताओं की शानदार प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध बनाए रखा। देश के विभिन्न जनपदों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से सभागार में साहित्यिक वातावरण का सृजन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। सम्मेलन में अवनीश त्रिपाठी, अजय अंजाम (औरैया), प्रमोद भारती (करैरा), अंजुम मनोहर (भिंड), योगिता चौहान (इटावा), शर्मिला गहोई (औरैया), शिवम कुमार आजाद (सिकंदराराउ) और गोपाल पांडेय (औरैया) ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं का पाठ किया। राष्ट्रभक्ति की कविताओं ने जहां श्रोताओं में जोश भर दिया, वहीं हास्य और श्रृंगार रस की प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों और ठहाकों से गूंज उठा।

मुख्य अतिथि एवं गहोई समाज के निवर्तमान अध्यक्ष कृष्ण कुमार कठिल ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है और कवि अपनी लेखनी से समाज को नई दिशा देते हैं। उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताते हुए ऐसे आयोजनों को भारतीय साहित्यिक परंपरा के संरक्षण के लिए आवश्यक बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजेंद्र कुमार सेठ चेलरा ने कहा कि कविता केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता, संस्कार और राष्ट्रप्रेम का संदेश देने वाली सशक्त विधा है।

विशिष्ट अतिथि नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता ने साहित्यकारों को समाज की चेतना का प्रहरी बताते हुए कहा कि उनकी रचनाएं सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को मजबूत करती हैं।

समिति के अध्यक्ष विष्णु कुमार गहोई ने कहा कि डिजिटल युग में भी कविता की प्रासंगिकता बनी हुई है और ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और साहित्य से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

समापन पर सभी आमंत्रित कवियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों, गहोई समाज के पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर कवियों का उत्साहवर्धन किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार