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संत रविदास ने पैतृक कार्य को कभी नहीं माना छोटा,आजीवन श्रम एवं स्वावलंबन का दिया संदेश : सर्वेश कठेरिया

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संत रविदास ने पैतृक कार्य को कभी नहीं माना छोटा,आजीवन श्रम एवं स्वावलंबन का दिया संदेश : सर्वेश कठेरिया


औरैया, 03 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में संत शिरोमणि रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान के तहत उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) की पावन माटी से निकली कलश वंदन यात्रा सोमवार को जिले के देहात मंडल के लडैयापुर, जगजीवनपुर, रोशनपुर, गदनपुर, गोहना और मधुपुर गांव पहुंची। ग्रामीणों ने यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया तथा कलश का पूजन-अर्चन कर संत रविदास के समरसता और समानता के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

यात्रा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया ने कहा कि संत रविदास ने अपने पैतृक कार्य को कभी छोटा नहीं माना और आजीवन श्रम एवं स्वावलंबन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मन चंगा तो कठौती में गंगा का संदेश बताता है कि निष्ठा और ईमानदारी से किया गया हर कार्य श्रेष्ठ होता है तथा कर्म ही सबसे बड़ी पूजा है।

जिला पंचायत अध्यक्ष कमल दोहरे ने कहा कि जब-जब देश और समाज को दिशा की आवश्यकता पड़ी, तब संत रविदास जैसे महापुरुषों ने समरसता और सामाजिक एकता का मार्ग दिखाया। उन्होंने समाज से जातिगत वैमनस्य से दूर रहकर एकता और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया।

वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास की जन्मस्थली पर लंगर हॉल, कॉरिडोर, स्मारक पार्क और भव्य प्रतिमा का निर्माण सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

यात्रा में आशीष दुबे, भूरे चौबे, सुनील वाल्मीकि, मोनू सेंगर, अंकुर तिवारी, कुअर सिंह बाथम, श्यामजी अवस्थी, नीशू दीक्षित, आशीष कठेरिया, राहुल गुप्ता सहित अनेक पदाधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार