सुंदरकांड पाठ में याद किए गए अशोक सिंहल, जन्मशताब्दी वर्ष का शुभारंभ
मीरजापुर, 27 सितंबर (हि.स.)।लालडिग्गी स्थित इमलहा नाथ महादेव मंदिर के दक्षिणी फाटक पर रविवार को विश्व हिंदू परिषद के नगर कार्यालय में सुंदरकांड पाठ के साथ अशोक सिंहल की जन्मशताब्दी वर्ष कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। नगर अध्यक्ष राज माहेश्वरी मुख्य यजमान रहे।
कार्यक्रम में विहिप के क्षेत्र सत्संग प्रमुख दिवाकर ने अशोक सिंहल के साथ अपने लंबे जुड़ाव और उनके वैचारिक कार्यों के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि सिंहल के व्यक्तित्व को किसी एक संगठन या आंदोलन तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। उन्होंने हिंदू जीवन मूल्यों, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना को अपने सार्वजनिक जीवन के प्रमुख आधारों में रखा।
उन्होंने कहा कि सिंहल के व्यक्तित्व में संगठनात्मक कार्य, आध्यात्मिक साधना और सामाजिक सरोकार के विभिन्न पक्ष दिखाई देते थे। उनके अनुसार, वे संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों से संवाद करते थे तथा विभिन्न वर्गों की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहते थे। कार्यक्रम में विहिप, बजरंग दल और मातृ शक्ति के प्रांत, विभाग, जिला व प्रखंड स्तर के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विहिप के क्षेत्र सत्संग प्रमुख दिवाकर ने अशोक सिंहल के व्यक्तित्व को तीन प्रमुख पक्षों से जोड़कर बताया। इनमें संगठन और सामाजिक सीमाओं से परे समावेशी दृष्टिकोण, आध्यात्मिक साधना के साथ सहज लोक-व्यवहार तथा हिंदू समाज में एकता और सांस्कृतिक स्वाभिमान के लिए उनका कार्य शामिल रहा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विचार रखने वाले लोगों के साथ संवाद और सामाजिक मुद्दों पर सक्रियता उनके सार्वजनिक जीवन का हिस्सा रही।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

