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वाराणसी में दिखायी देगा भारतीय वायु सेना के सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का शानदार हवाई प्रदर्शन

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वाराणसी में दिखायी देगा भारतीय वायु सेना के सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का शानदार हवाई प्रदर्शन


वाराणसी, 17 अक्टूबर (हि.स.)। वाराणसी के नमो घाट पर भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम अपने नौ विमानों के साथ शानदार एरोबैटिक हवाई प्रदर्शन करने जा रही है। यह आयोजन भारतीय वायु सेना की 94 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। इस प्रदर्शन के माध्यम से वाराणसी के लोगों को भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन और पेशेवर दक्षता को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह आयोजन राष्ट्र की सेवा में भारतीय वायु सेना की गौरवशाली परंपरा का उत्सव भी होगा। उक्त जानकारी शनिवार को रक्षा मंत्रालय, प्रयागराज के पीआरओ और प्रवक्ता विंग कमांडर देबार्थो धर ने दी।

प्रवक्ता विंग कमांडर देबार्थो धर ने बताया कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा लाइसेंस के तहत निर्मित हवाक एमके 132 विमानों के साथ टीम कई रोमांचक एरोबैटिक करतब प्रस्तुत करेगी। इनमें लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और प्रसिद्ध डीएनए मानोईवर शामिल हैं। ये करतब पायलटों के बेहतरीन तालमेल, विमान पर नियंत्रण और सटीक समन्वय को प्रदर्शित करेंगे। नौ विमानों की एक साथ, एक ही तालमेल में उड़ान और उनके पीछे बनती केसरिया, सफेद तथा हरे रंग की धुएँ की लकीरें वाराणसी के आसमान को तिरंगे के रंगों से सजा देंगी।

उन्होंने बताया कि 8 अक्टूबर 1932 को स्थापित भारतीय वायु सेना वर्ष 2026 में अपनी सेवा के 94 वर्ष पूरे कर रही है। इन वर्षों में भारतीय वायु सेना ने एक आधुनिक एयरोस्पेस शक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाई है और परिचालन तत्परता, तकनीकी प्रगति तथा पेशेवर उत्कृष्टता के उच्च मानकों को बनाए रखा है। भारतीय वायु सेना प्रदर्शन 2026 इसी गौरवशाली यात्रा का उत्सव है और देश के प्रति अपने कर्तव्य को निभाने वाले वायु योद्धाओं के साहस, समर्पण और प्रतिबद्धता को सम्मान देने का अवसर भी है। 1996 में स्थापित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम को देश और विदेश में विभिन्न एयर शो तथा सार्वजनिक आयोजनों में भारतीय वायु सेना और भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त है। अब तक 850 से अधिक हवाई प्रदर्शन कर चुकी यह टीम “भारतीय वायु सेना के राजदूत” के रूप में पहचानी जाती है। टीम का प्रत्येक प्रदर्शन लंबे प्रशिक्षण, विस्तृत योजना और पायलटों तथा उनकी सपोर्ट टीम के बीच अटूट विश्वास का परिणाम होता है।

उन्होंने बताया कि नमो घाट पर होने वाला यह प्रदर्शन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसके माध्यम से भारतीय वायु सेना के वर्षगांठ समारोह वाराणसी तक पहुँच रहे हैं। अपने ऐतिहासिक स्थलों, भव्य घाटों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध वाराणसी इस आयोजन को एक अनूठी पृष्ठभूमि प्रदान करता है। यहाँ आम जनता को भारतीय वायु सेना की विमानन क्षमता, कौशल और सटीकता को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इस आयोजन से एक व्यक्तिगत जुड़ाव भी है। सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के 5 अधिकारी उत्तर प्रदेश से हैं। अपने गृह राज्य में भारतीय वायु सेना प्रदर्शन 2026 के अंतर्गत हवाई प्रदर्शन करना इन अधिकारियों के लिए विशेष गर्व का अवसर है। उनकी भागीदारी इस आयोजन को और भी खास बनाती है तथा भारतीय वायु सेना और देश की जनता के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाती है।

उन्होंने बताया कि अपने शानदार करतबों और रोमांचक हवाई संरचनाओं के माध्यम से सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम दर्शकों का मनोरंजन करने, देश के युवाओं को प्रेरित करने और भारतीय वायु सेना को जनता के और करीब लाने का प्रयास करेगी। यह प्रदर्शन भारतीय वायु सेना की गौरवशाली विरासत, उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता और राष्ट्र की सेवा के संकल्प को समर्पित होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / शरद