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मुरादाबाद : इनकम टैक्स बार एसोसिएशन ने की सीजीएसटी एक्ट के कानूनी पहलुओं पर चर्चा

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मुरादाबाद :  इनकम टैक्स बार एसोसिएशन ने की सीजीएसटी एक्ट के कानूनी पहलुओं पर चर्चा


- मुरादाबाद डिस्ट्रिक्ट इनकम टैक्स बार एसोसिएशन की बैठक में जीएसटी कौंसिल द्वारा दी गई राहत पर चर्चा

मुरादाबाद, 25 अक्टूबर (हि.स.)। मुरादाबाद डिस्ट्रिक्ट इनकम टैक्स बार एसोसिएशन की रविवार को हुई बैठक में जीएसटी कानूनों का मुद्दा छाया रहा। अधिवक्ताओं ने जीएसटी कौंसिल की तरफ से कारोबारियों को दी गई राहत के बारे में चर्चा की। बताया कि सीजीएसटी एक्ट की धारा 69 के तहत गिरफ्तारी का अधिकार हटाया गया है। ईमानदार करदाता के लिए यह सबसे बड़ी राहत है।

बैठक के दौरान अधिवक्ता शिशिर गुप्ता ने जीएसटी कौंसिल के निर्णयों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि बेवजह के टैक्स से बचने के लिए जीएसटी और इनकम टैक्स का समय से भुगतान करना आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि अब मुकदमा शुरू करने की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दी गई है। अब छोटे विवादों में आपराधिक कार्रवाई का जोखिम कम होगा।

अधिवक्ता राजीव जौहरी ने बताया कि देर से रिटर्न भरने, अनजाने में गलती करने या भुगतान में देरी करने वाले करदाताओं को सिर्फ़ टैक्स, ब्याज और अनुपातिक जुर्माना देना होगा। इन मामलों में कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी। यदि टैक्स की मांग दस हजार रुपये से कम है, तो कोई कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। नोटिस से पहले करदाता को सूचना दी जाएगी। उन्हें अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।

अधिवक्ता गौरव गुप्ता ने ब्याज माफी योजना के बारे में अवगत कराया। बताया कि मूल बकाया राशि जमा करने पर बकाए की कुल राशि के मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारियों को पहले बकाया मूलधन, ब्याज और अर्थदंड की आधार पर ब्याज माफी का लाभगणना कर ऑनलाइन जमा करना होगा। डिमांड गलत होने पर अपील करने का अधिकार होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल