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विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता पहले राष्ट्र को मानता है, यह केलकर जी ने अपनी कार्यशैली से सिखाया - योगेंद्र उपाध्याय

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विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता पहले राष्ट्र को मानता है, यह केलकर जी ने अपनी कार्यशैली से सिखाया - योगेंद्र उपाध्याय


-अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के काशी में आयोजित किया प्रिय केलकर जीकार्यक्रम

वाराणसी, 20 जुलाई (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि सकारात्मक आंदोलनों से व्यक्तित्व का निर्माण करना, यह केलकर जी की कार्यशैली थी। विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता अपने से पहले राष्ट्र को मानता है, यह केलकर जी ने अपनी कार्यशैली से सिखाया था।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने यह विचार साेमवार काे वाराणसी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ के सभागार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के काशी प्रांत की ओर से आयोजित प्रिय केलकर जी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। उन्हाेंने कहा कि आज का यह आयोजन प्राध्यापक केलकर जी को अर्पण है। जब फूल बगिया में खिलता है, तो खुशबू से मन प्रसन्न होता है। जब बच्चा मुस्कुराता है तो उसका कोई अर्थ नहीं है लेकिन वह प्रसन्नता दे जाता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को प्राध्यापक केलकर जी ने नई चेतना दी थी। आदर्श और सिद्धांतों की बात कोई कर सकता है, लेकिन उसका आचरण करना बेहद कठिन होता है। उन्होंने जो टोली बनाई, वह टोली आज अपना जीवन समर्पित कर रही है। कार्यकर्ता कैसे निर्माण होता है, बनता है, वह इसे तो जानते ही थे। साथ में ऐसे कार्यकर्ताओं की टोली बनाना भी वह जानते थे। प्राध्यापक यशवंत राव केलकर की कार्यशैली का अनुशरण कर के आज भी अच्छे संगठन चल रहे हैं।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर रघुराज किशोर तिवारी ने कहा कि विद्यार्थी की पाठशाला से निकले कार्यकर्ता को यह मान रहता है कि वह विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता है। यह यशवंत राव केलकर ने सिखाया है। कार्यक्रम से कार्यकर्ता निर्माण होता है। पूर्व योजना से पूर्ण योजना सीखा है, जिससे स्वरूप सुंदर हो जाता है। आज इस सभागार में पूर्व कार्यकर्ता आये है, यह स्थान छोटा पड़ रहा है। यह श्रद्धाभाव संगठन भाव से ही है। पूर्व कार्यकर्ता एक दायित्व है।

इससे पहले दीप प्रज्वलन कर अतिथियों ने कार्यक्रम की शुरुआत की। स्वागत उद्बोधन में प्रांत अध्यक्ष डॉ महेंद्र ने प्रख्यात शिक्षाविद् प्राध्यापक यशवंत केलकर के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केलकर जी ने चाय में पानी डालकर पी लिया था क्योंकि कार्य में जाने के लिए विलंब हो रहा था। केलकर जी विद्यार्थी परिषद के पूरी पुस्तक थे। आज उनकी जन्मशती मनाते हुए उनके बताए मार्ग पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वही, कार्यक्रम में प्रांत मंत्री शिवम सिंह ने विषय प्रस्तावना रखी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी ने किया। इस अवसर पर विधायक भूपेश चौबे, क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही, प्रांत संगठन मंत्री आकाश, महानगर प्रचारक आशीष, प्रांत के सह कार्यवाह डॉ राकेश, एमएलसी धर्मेंद्र राय सहित तमाम पूर्व कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद