केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने की 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान की शुरुआत, एआई से जांच पर जोर
नोएडा, 24 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में विश्व टीबी दिवस के अवसर पर 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान की शुरुआत की। इस दौरान टीबी मुक्त भारत एप ‘खुशी’ (ई-निक्षय मित्र) का शुभारंभ किया गया और टीबी फ्री अर्बन वार्ड इनिशिएटिव वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उन्होंने कहा कि टीबी से लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इस अभियान से 24 मंत्रालयों को जोड़ा गया है और यह देश के 1.58 लाख गांवों व वार्डों में एक साथ चलेगा।
जेपी नड्डा ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले टीबी जांच और उपचार के लिए 607 करोड़ रुपये का बजट था, जिसे बढ़ाकर अब 6365 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मशीनों से जांच और उपचार संभव हो रहा है, जिससे मरीज छह माह में स्वस्थ हो रहे हैं, जबकि पहले इसमें दो वर्ष तक लगते थे। उन्होंने कहा कि 100 दिनों के भीतर देशभर में टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। टीबी को समाप्त करने के लिए केवल नारे नहीं, बल्कि ठोस कार्य किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम सफलता की ओर बढ़ रहा है। स्वदेशी मशीनों से टीबी की पहचान की जा रही है और इसे जन आंदोलन का रूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2024 में 347 जिलों को चिन्हित किया गया और 20 करोड़ जांच में 32 लाख टीबी मरीज सामने आए, जिनमें कई बिना लक्षण वाले भी थे।
कार्यक्रम में मौजूद उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश भी टीबी उन्मूलन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। 2017 में जहां 241 मशीनें थीं, अब 1004 मशीनों से जांच हो रही है। उन्होंने बताया कि पहले 59 प्रतिशत मरीज ठीक होते थे, जो अब बढ़कर 92 प्रतिशत हो गए हैं। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और 24 मंत्रालयों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान टीबी विजेताओं और निक्षय मित्रों को सम्मानित भी किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

