सीएसजेएमयू के यूआईईटी और राजकीय पॉलिटेक्निक कन्नौज के बीच हुआ एमओयू,तकनीकी शिक्षा काे मिलेगा बढ़ावा : डॉ. आलोक कुमार
कानपुर, 31 अगस्त (हि.स.)। संस्थानों के बीच इस तरह के सहयोग से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण के बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे ज्ञान, विशेषज्ञता और तकनीकी संसाधनों के आदान-प्रदान को भी मजबूती मिलेगी। यह बातें स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) के निदेशक डॉ. आलोक कुमार ने सोमवार को सीएसजेएमयू और मान्यवर कांशीराम राजकीय पॉलिटेक्निक, तिर्वा, कन्नौज के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के दौरान कहीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के यूआईईटी और मान्यवर कांशीराम राजकीय पॉलिटेक्निक के बीच शैक्षणिक, तकनीकी एवं कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू किया गया। यह समझौता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान यूआईईटी निदेशक डॉ. आलोक कुमार, पॉलिटेक्निक की प्रधानाचार्य निधि वार्ष्णेय, यूआईईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव कुमार पाण्डेय और सहायक निदेशक प्रो. रामेंद्र सिंह निरंजन समेत दोनों संस्थानों के शिक्षक और अधिकारी मौजूद रहे।
एमओयू के तहत दोनों संस्थान शैक्षणिक एवं तकनीकी सहयोग, विद्यार्थियों के कौशल विकास, फैकल्टी एवं विद्यार्थी संवाद, औद्योगिक भ्रमण, प्रशिक्षण कार्यक्रम, संयुक्त परियोजनाओं, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में मिलकर कार्य करेंगे। पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को सीएसजेएमयू की उन्नत प्रयोगशालाओं, आधुनिक तकनीकी उपकरणों और विशेषज्ञता का लाभ लेने के अवसर मिलेंगे।
विद्यार्थियों के लिए हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग, प्रैक्टिकल स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री ओरिएंटेड ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ उसे व्यवहार में इस्तेमाल करने का अनुभव भी मिलेगा।
पॉलिटेक्निक की प्रधानाचार्य निधि वार्ष्णेय ने कहा कि एमओयू से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय तकनीकी एवं प्रयोगात्मक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे उनकी तकनीकी दक्षता और रोजगारपरक क्षमता बढ़ाने के लिए नए अवसर उपलब्ध होंगे।
विश्वविद्यालय और पॉलिटेक्निक के बीच हुआ यह समझौता राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कौशल आधारित और व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दोनों संस्थानों के बीच आगे संयुक्त प्रशिक्षण, कार्यशालाओं, परियोजनाओं, अनुसंधान और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

