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जन शिकायतों में लापरवाही पर दो चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर, दलित उत्पीड़न और फर्जी लेनदेन मामले में कार्रवाई

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जन शिकायतों में लापरवाही पर दो चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर, दलित उत्पीड़न और फर्जी लेनदेन मामले में कार्रवाई


कानपुर, 22 मई (हि.स.)। जन शिकायतों को गंभीरता से न लेने और संवेदनशील मामलों में लापरवाही बरतने पर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सचेण्डी थाना क्षेत्र के रैकेपुर चौकी इंचार्ज शैलेश त्रिपाठी और पनकी के रतनपुर चौकी प्रभारी आशुतोष दीक्षित को लाइन हाजिर कर दिया। दोनों मामलों की जांच एसीपी पनकी मनोज कुमार सिंह द्वारा की गई, जिसमें लापरवाही सामने आने के बाद डीसीपी वेस्ट की संस्तुति पर कार्रवाई की गई।

पहला मामला सचेण्डी थाना क्षेत्र के रैकेपुर गांव का है, जहां दलित युवक के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगा। आरोप है कि युवक को पीटने के बाद जूते से पानी पिलाया गया और थूक चटवाया गया। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। जांच में सामने आया कि रैकेपुर चौकी इंचार्ज ने घटना की सूचना समय से थाने को नहीं दी और कार्रवाई में लापरवाही बरती।

दूसरा मामला पनकी थाना क्षेत्र की कांशीराम कॉलोनी निवासी अर्चना मिश्रा से जुड़ा है, जो ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। महिला ने पुलिस आयुक्त की जनसुनवाई में शिकायत देकर बताया कि दो लोगों ने उन्हें एक लाख रुपये का लोन दिलाने का भरोसा देकर बैंक में खाता खुलवाया और उनके दस्तावेज ले लिए। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उनके नाम से करोड़ों रुपये के व्यवसायिक लेनदेन किए गए, जिसके चलते उन्हें आयकर विभाग के नोटिस मिलने लगे।

महिला का आरोप है कि उसने पहले भी रतनपुर चौकी में सूचना दी थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने रतनपुर चौकी प्रभारी को भी तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।

सहायक पुलिस आयुक्त (स्टॉफ ऑफिसर) अमरनाथ ने बताया कि दोनों मामलों में निष्पक्ष और गहन विवेचना के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित आरोपितों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप