घर से भागे दो नाबालिगों को आरपीएफ ने परिजनों से मिलवाया
बांदा, 03 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में घर से नाराज होकर सूरत जाने के लिए निकले दो नाबालिग बच्चों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सतर्कता दिखाते हुए बांदा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित पकड़ लिया। 'नन्हे फरिश्ते' अभियान के तहत आरपीएफ ने दोनों बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से उनके परिजनों के सुपुर्द करा दिया। बच्चों के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और आरपीएफ के प्रयासों की भावुक होकर सराहना की।
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने मंगलवार को बताया कि सोमवार को रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही थीं। इसी दौरान शाम करीब सात बजे प्लेटफार्म नंबर एक के फुट ओवरब्रिज (एफओबी) के पास दो नाबालिग बच्चे संदिग्ध अवस्था में घूमते दिखाई दिए। आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर उनसे पूछताछ की तो पता चला कि दोनों घर से नाराज होकर सूरत जाने के लिए निकले हैं। इसके बाद बच्चों के परिजनों से मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया। परिजनों ने बताया कि दोनों बच्चे सुबह स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकले, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। सूचना मिलने पर बच्चों के परिजन रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां आरपीएफ पोस्ट पर बुलाकर उनकी पहचान कराई गई।
बच्चों की पहचान अमन (15) पुत्र मनोज और प्रकाश (17) पुत्र रामलखन, निवासी ग्राम इंगुवा, थाना मरका, जिला बांदा के रूप में हुई। आरपीएफ ने चाइल्ड हेल्पलाइन बांदा के केस वर्कर प्रभाकर द्विवेदी को सूचना देकर बुलाया। चाइल्ड हेल्पलाइन के कर्मचारियों की मौजूदगी में दोनों बच्चों को देर शाम अमन के पिता मनोज के सुपुर्द कर दिया गया। उपनिरीक्षक विक्टर ने देर शाम बजे दोनों बच्चों को स्वस्थ अवस्था में परिजनों के हवाले किया। बच्चों को सकुशल पाकर पिता की आंखें भर आईं। उन्होंने आरपीएफ की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए आभार जताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

