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बिठूर सीएचसी में दो डॉक्टर समेत तीन कर्मचारी मिले अनुपस्थित, जिलाधिकारी एक दिन का वेतन काटने के दिए निर्देश

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बिठूर सीएचसी में दो डॉक्टर समेत तीन कर्मचारी मिले अनुपस्थित, जिलाधिकारी एक दिन का वेतन काटने के दिए निर्देश


कानपुर, 10 जून (हि.स.)। स्वास्थ्य केंद्रों पर लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह बातें बुधवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहीं।

जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिठूर का औचक जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सक डॉ. श्रद्धा वर्मा, डॉ. राजेश कुमार तथा स्वास्थ्यकर्मी शिवम पाल अनुपस्थित मिले। इस पर जिलाधिकारी ने तीनों का एक दिन का वेतन काटने और स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने ओपीडी व्यवस्था, मरीजों की संख्या, दवा वितरण और अभिलेखों की जांच की। उन्होंने अस्पताल में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने तथा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने वेतन समय पर न मिलने की समस्या उठाई, जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात कर समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने मरीजों और उनके परिजनों से भी बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान जिलाधिकारी ने सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. हनी मल्होत्रा के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी जनसेवा में सक्रिय रहना अन्य लोगों के लिए प्रेरणादायक है। डॉ. मल्होत्रा वर्तमान में आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत सीएचसी बिठूर में सेवाएं दे रही हैं।

जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर बूढ़नपुर का भी जायजा लिया, जहां केंद्र बंद मिला। इस पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगते हुए केंद्र का नियमित संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।-----------------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप