home page

समाज की सच्ची सेवा से ही संभव है राष्ट्र की सेवा : सुभाष

 | 
समाज की सच्ची सेवा से ही संभव है राष्ट्र की सेवा : सुभाष


कानपुर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। सेवा केवल उपकार नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न अंग है। समाज की सच्ची सेवा से ही राष्ट्र की सेवा संभव है। हिंदुत्व की भावना अपनापन, बंधुता, करुणा और सहिष्णुता का संदेश देती है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए तन, मन और धन से समाज की सेवा करनी चाहिए। यह बातें शनिवार को बेनाझाबर स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में आयोजित बैरिस्टर नरेंद्रजीत सिंह के 33वें स्मृति समारोह एवं वार्षिक उत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष ने कहीं।

उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने मूल स्वरूप और जीवन के उद्देश्य को समझना चाहिए। स्वबोध की भावना के साथ प्रकृति, संस्कृति और मानवता के अनुकूल जीवन जीने की आवश्यकता है। उन्होंने बैरिस्टर नरेंद्रजीत सिंह के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने समाज सेवा को ही अपने जीवन का ध्येय बनाया और जरूरतमंदों की सहायता का संदेश दिया। सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाजहित में कार्य करना चाहिए।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने बैरिस्टर नरेंद्रजीत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद दीप प्रज्वलन, शंख ध्वनि और स्वस्ति वाचन हुआ। अतिथियों ने सिलाई केंद्र और बाल संस्कार केंद्र की छात्राओं की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रबंध समिति के प्रबंधक आदित्य शंकर बाजपेयी ने दोनों केंद्रों की वर्षभर की उपलब्धियों की जानकारी दी। इस दौरान विद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘समर्पण’ का विमोचन भी किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

सिलाई केंद्र की छात्राओं ने सामूहिक गीत और पारंपरिक ढेड़िया नृत्य प्रस्तुत किया। बाल संस्कार केंद्र के बच्चों ने स्वच्छता जागरूकता पर नृत्य नाटिका पेश की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष के सफर पर आधारित ‘संघ यात्रा’ नृत्य नाटिका के जरिए पथ संचलन, हिंदू सम्मेलन और शाखाओं के विस्तार का संदेश दिया गया।

शिक्षा और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 50 से अधिक विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता ब्रह्मावर्त सनातन धर्म महामंडल के अध्यक्ष वीरेंद्रजीत सिंह ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों पर चलने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में प्रबंधिका मंजूबाला श्रीवास्तव, विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजमोहन कुमार सिंह, नीतू सिंह, बाल कृष्ण लाहोटी, सुरेंद्र कक्कड़, कमल किशोर गुप्ता और शरद कृष्ण पांडे सहित शिक्षक, अभिभावक व विद्यार्थी मौजूद रहे। अंत में नीतू सिंह ने आभार जताया। सामूहिक समरसता सहभोज के साथ समारोह का समापन हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप