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किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों का प्रशिक्षण जरुरी : डॉ. जी.पी. दीक्षित

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किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों का प्रशिक्षण जरुरी : डॉ. जी.पी. दीक्षित


कानपुर, 17 मार्च (हि.स.)। कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से वैज्ञानिक खेत, मिट्टी, पानी और जलवायु के अनुरूप नवीनतम तकनीकों को किसानों तक पहुंचा रहे हैं। नियमित रूप से आधुनिक तकनीक से जुड़े रहने पर ही खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।, यह बातें मंगलवार कों डॉ. जीपी दीक्षित ने कहीं।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के प्रसार निदेशालय में कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों हेतु दो दिवसीय दक्षता प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. जी.पी. दीक्षित ने दीप प्रज्वलन कर किया।

निदेशक प्रसार डॉ. वी.के. त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से वैज्ञानिकों को नवीनतम तकनीकी जानकारी दी जाएगी, जिसे वे अपने-अपने जनपदों के किसानों तक पहुंचाएंगे, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।

आईसीएआर अटारी के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार के क्षमता विकास प्रशिक्षण से वैज्ञानिक स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जानकारी किसानों तक पहुंचाने में सक्षम होंगे।

निदेशक शोध डॉ. महक सिंह ने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नई प्रजातियों के प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि इससे दलहन और तिलहन के क्षेत्र में विस्तार संभव होगा। अधिष्ठाता डॉ. सीमा सोनकर ने कृषि में महिलाओं की भागीदारी और कौशल विकास पर प्रकाश डाला।

अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. कौशल कुमार ने बदलते मौसम के अनुसार खेती की तकनीकों और समन्वित कृषि प्रणाली की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वी.के. कन्नौजिया ने किया। इस अवसर पर विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप