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कारीगरों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उनके उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा : एस. सिद्दीकी

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देवरिया, 06 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के

देवरिया जनपद के पारंपरिक उद्योगों से जुड़े कारीगरों के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत कारीगरों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उनके उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। उक्त जानकारी उपायुक्त उद्योग एस. सिद्दीकी ने बुधवार को दी।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत सजावटी उत्पाद, कढ़ाई-बुनाई और रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़े अकुशल कारीगरों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में प्रतिभागियों को मानदेय के साथ टूलकिट भी प्रदान की जाएगी, जिससे वे प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार शुरू कर सकें।

उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 20 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और जनपद का मूल निवासी होना अनिवार्य है। खास बात यह है कि इस योजना के लिए कोई न्यूनतम शैक्षिक योग्यता निर्धारित नहीं की गई है।

उपायुक्त उद्योग ने स्पष्ट किया कि आवेदक ने पिछले दो वर्षों में किसी अन्य योजना के तहत संबंधित टूलकिट का लाभ न लिया हो। साथ ही, एक परिवार से केवल एक ही सदस्य को योजना का लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन किसी भी जन सेवा केंद्र या साइबर कैफे के माध्यम से एमएसएमई उत्तर प्रदेश पोर्टल पर ऑनलाइन कर सकते हैं। आवेदन से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए कार्य दिवस में उपायुक्त उद्योग कार्यालय में सहायक प्रबंधक मनीष वर्मा से संपर्क किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक