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जियो-टैगिंग और खाद्य विभाग की कार्रवाई के विरोध में रक्षाबंधन बाद लखनऊ कूच करेंगे व्यापारी : ज्ञानेश मिश्रा

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जियो-टैगिंग और खाद्य विभाग की कार्रवाई के विरोध में रक्षाबंधन बाद लखनऊ कूच करेंगे व्यापारी : ज्ञानेश मिश्रा


कानपुर, 23 अगस्त (हि.स.)। मंडी की जियो-टैगिंग व्यवस्था से व्यापारियों को व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों की समस्याओं को लेकर रक्षाबंधन के बाद प्रदेश के प्रत्येक जिले से करीब 50 व्यापारी लखनऊ पहुंचेंगे और शासन के शीर्ष अधिकारियों के सामने अपनी बात रखेंगे। खाद्य विभाग की कार्रवाई समेत व्यापारियों से जुड़े अन्य मुद्दों को भी मजबूती से उठाया जाएगा। यह बातें रविवार को शहर में आयोजित भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की प्रदेश स्तरीय कोर कमेटी की बैठक एवं प्रांतीय पदाधिकारी सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा ने कहीं।

सम्मेलन में प्रदेश के करीब 45 जिलों से प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ व्यापारी नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर मंथन के साथ प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रणनीति और संगठन के विस्तार को लेकर चर्चा की गई।

सम्मेलन में बरेली के वरिष्ठ व्यापारी नेता सतीश अग्रवाल को प्रदेश उपाध्यक्ष और बरेली जिलाध्यक्ष अनिल अग्रवाल को प्रदेश संयुक्त महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। दोनों पदाधिकारियों ने नई जिम्मेदारी के लिए संगठन के प्रति आभार जताते हुए व्यापारी हितों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

ज्ञानेश मिश्रा ने कहा कि मंडी परिषद की जियो-टैगिंग व्यवस्था से दलहन, तिलहन, गल्ला, सब्जी, गुड़ समेत कृषि आधारित कारोबार करने वाले व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में लागू इस व्यवस्था को लेकर कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि मंडी गेट पास, ई-वे बिल और जियो-टैगिंग की अलग-अलग प्रक्रियाओं के बीच तालमेल नहीं होने से माल के आवागमन में भी दिक्कतें आती हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर रक्षाबंधन के बाद प्रदेश के प्रत्येक जिले से करीब 50 व्यापारी लखनऊ पहुंचकर शासन के अधिकारियों के सामने अपनी मांग रखेंगे।

सम्मेलन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई को लेकर भी व्यापारी नेताओं ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि विभागीय जांच और कार्रवाई के नाम पर व्यापारियों का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। संगठन की ओर से रक्षाबंधन के बाद संबंधित मंत्री और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर व्यापारियों की समस्याएं उठाने की बात कही गई।

बैठक में मंडी शुल्क, मंडी नियम, जीएसटी, ई-वे बिल, गेट पास और खाद्य एवं औषधि प्रशासन से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारी हित के मुद्दों को अब जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठित तरीके से उठाया जाएगा।

प्रदेश संयुक्त महामंत्री की जिम्मेदारी मिलने के बाद अनिल अग्रवाल ने कहा कि संगठन ने जो भरोसा जताया है, उसे पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा। विभिन्न जिलों के व्यापारियों को संगठन से जोड़ना और उनकी स्थानीय समस्याओं को प्रदेश स्तर तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी।

सम्मेलन में संगठन को प्रदेश के सभी जिलों में मजबूत करने और अधिक से अधिक व्यापारियों को जोड़ने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। उल्लेखनीय कार्य करने वाले पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में व्यापारी हितों से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति तय की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप