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सीएम योगी के विजन से दक्षिणांचल में भी बढ़ रही रोड कनेक्टिविटी

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सीएम योगी के विजन से दक्षिणांचल में भी बढ़ रही रोड कनेक्टिविटी


सीएम योगी के विजन से दक्षिणांचल में भी बढ़ रही रोड कनेक्टिविटी


गोरखपुर, 25 अगस्त (हि.स.)। जनपद के जिस दक्षिणांचल को कभी सबसे उपेक्षित क्षेत्र माना जाता था, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से अब वहां भी रोड कनेक्टिविटी का संजाल बढ़ रहा है। वर्तमान समय में दक्षिणांचल में कई महत्वपूर्ण मार्गों पर सड़कों के कायाकल्प का कार्य जारी है। इनमें से तीन सड़क परियोजनाएं दशहरा से पहले पूरी हो जाएंगी। इन तीन परियोजनाओं से करीब 45 किमी मार्ग पर सड़कें टूलेन में चौड़ी और सुदृढ़ हो जाएंगी। इस पर 177 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आ रही है।

दक्षिणांचल में मजबूत होती सड़कों की शृंखला में 13 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 57 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली धुरियापार, उरुवा-शाहपुर-बेलघाट मार्ग चौड़ीकरण परियोजना का लोकार्पण कर इस क्षेत्र को बड़ी सौगात दी थी। इसी क्रम में वर्तमान में जिले के दक्षिणी हिस्सों में सड़क निर्माण की जो परियोजनाएं प्रगतिमान हैं, उनमें से लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड की तरफ से बनवाई जा रही तीन सड़कें 30 सितंबर तक पूरी हो जाएंगी। प्रांतीय खंड ने गोरखपुर-खजनी-सिकरीगंज मार्ग पर 13.075 किलोमीटर लंबाई में सड़क का निर्माण 95 प्रतिशत से अधिक तक पूरा करा लिया है। 60.59 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना अगले माह शत प्रतिशत पूर्ण हो जाएगी।

प्रांतीय खंड की तरफ से ही बनवाई जा रही महदेवा-दुधरा-सोपरा मार्ग पर टूलेन सड़क के निर्माण का भी करीब 90 प्रतिशत कार्य कराया जा चुका है। 15.20 किलोमीटर लंबी इस सड़क को बनाने में 35.56 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसी तरह भीटी-बांसगांव-गोला मार्ग पर चैनेज 25.2 से चैनेज 41.33 के मध्य 16.13 किलोमीटर की लंबाई में टूलेन सड़क बनवाई जा रही है। 81.01 करोड़ रुपये की इस सड़क परियोजना पर लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने 70 प्रतिशत से अधिक कार्य करा लिया है। कार्यदायी संस्था को इसे 30 सितंबर पूरा कराने को कहा गया है। प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह का कहना है कि विभाग का जोर सभी निर्माणाधीन सड़कों को लक्षित समय सीमा के भीतर पूरा कराने पर है।

सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर होने का सबसे अधिक फायदा, बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के विकास से दशकों तक पिछड़े रहे दक्षिणांचल को हो रहा है। पहले गड्ढों से भरी सड़कों के कारण इलाज, शिक्षा और व्यापार के लिए शहर जाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब चौड़ी और सुदृढ़ सड़कों ने पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी है।

दक्षिणांचल में इन सड़कों का भी हो रहा चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण

- भीटी-बांसगांव-गोला मार्ग (चैनेज शून्य से 10.4 एवं 48 से 58 के बीच), लंबाई 20.40 किमी, लागत 95.27 करोड़ रुपये।

- हाटा-ढेबरा-ढकवा-शिवपुर मार्ग, लंबाई 8.20 किमी, लागत 30.71 करोड़ रुपये।

-कौड़ीराम-जगदीशपुर-डिहवा-हरपुर चीनी मिल मार्ग, लंबाई 18 किमी, लागत 52.87 करोड़ रुपये।

-रिकौली-बनकटा मार्ग, लंबाई 9 किमी, लागत 28.11 करोड़ रुपये।

-मिनी आईटीआई हरिहरपुर मार्ग से तहसील रोड संपर्क मार्ग, लंबाई 7.85 किमी, लागत 25.19 करोड़ रुपये।

-उरुवा-दुधरा-पिपरी मार्ग, लंबाई 11 किमी, लागत 36.20 करोड़ रुपये।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय