नाले में डूबकर तीन किसानों की मौत, एक ने तैरकर बचाई जान
बांदा, 25 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में मरका थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुजेनी से होकर गुजरने वाले बहा नाले में मंगलवार को खेती-किसानी के लिए गए चार किसान तेज बहाव में बह गए। इनमें एक किसान ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचा ली, जबकि एक पुरुष और दो महिलाओं की डूबने से मौत हो गई। सूचना पर ग्रामीणों के साथ पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद तीनों के शव बरामद कर लिए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, गुजेनी गांव के किसान नाले के दूसरी ओर कृषि कार्य के लिए गए थे। दिनभर हुई बारिश के चलते बहा नाले में अचानक बाढ़ आ गई। किसान पानी के तेज बहाव के बीच तैरकर नाला पार करने का प्रयास करने लगे, लेकिन तेज धारा में चारों बह गए। इस दौरान कोमल (27) पुत्र छोटेलाल, कुसुमरानी (30) पत्नी रामखेलावन और सिया (50) पत्नी फूलचंद्र पानी में डूब गए। वहीं रामखेलावन (35) पुत्र सुखलाल किसी तरह तैरकर बाहर निकल आया और ग्रामीणों को घटना की सूचना दी।
जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों और पुलिस ने काफी प्रयास के बाद तीनों के शव बरामद किए। मरका थाना प्रभारी सूबेदार बिंद ने बताया कि तीनों शव बरामद कर लिए गए हैं और पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बहा नाला पारा और भाटी गांवों को जोड़ने वाला आम रास्ता है। नाले पर लंबे समय से पुल या सुरक्षित रास्ते की मांग की जाती रही है, लेकिन अब तक इसका निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान नाले में पानी बढ़ने से आवागमन बेहद जोखिम भरा हो जाता है।
हादसे में मृतक कोमल अपने पीछे पत्नी, दो पुत्रियों और एक पुत्र को छोड़ गया है। वहीं कुसुमरानी के दो पुत्र और सिया का एक पुत्र है। तीन परिवारों में एक साथ हुई मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक विशंभर सिंह यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

