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राज्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लिए कौशल आधारित शिक्षा पर दिया जोर

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राज्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लिए कौशल आधारित शिक्षा पर दिया जोर


राज्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लिए कौशल आधारित शिक्षा पर दिया जोर


-एमएनएनआईटी प्रयागराज में तीन दिवसीय राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन शुरू, नवाचार व उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

प्रयागराज, 24 मार्च (हि.स)। उत्तर प्रदेश सरकार मेंं व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने मंगलवार को मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में आयोजित तीन दिवसीय ‘संकल्प 2026’ राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का शुभारम्भ किया। उन्होंने युवाओं से कौशल आधारित शिक्षा अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

राज्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत एवं नव उद्यमों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। इसी समन्वित प्रयास से देश को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य साकार किया जा सकता है। केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कौशल आधारित शिक्षा ही युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करती है। उन्हाेंने युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन, त्रि-आयामी मुद्रण एवं अभिकल्पन जैसी आधुनिक तकनीकों में दक्षता हासिल करने की सलाह देते हुए नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर आर.एस. वर्मा (निदेशक, एमएनएनआईटी) ने बताया कि सम्मेलन “आत्मनिर्भर नेतृत्व और समृद्धि के लिए कौशल और ज्ञान का पोषण” विषय पर आधारित है। जिसमें देशभर के 50 से अधिक विशेषज्ञ वक्ता अपने विचार साझा करेंगे। सम्मेलन में 700 से अधिक प्रतिभागी एवं 40 अंतिम चरण की टीमें अपने अभिनव प्रारूप प्रस्तुत करेंगी।

कार्यक्रम में शिवकुमार शर्मा, मुकुल एस. सुतावने, प्रो. मनीष अरोड़ा, डॉ. मनीषा सचान, प्रो. शिवेश शर्मा एवं सुशील कुमार सहित विभिन्न संस्थानों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस आयोजन में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान प्रयागराज तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय का भी सहयोग प्राप्त है।

एमएनएनआईटी के पीआरओ ने बताया कि ‘संकल्प 2026’ को पांच प्रमुख खंडों संकल्प नई सोच, संकल्प वार्ता, संकल्प संवाद, संकल्प नवाचार एवं संकल्प सृजन में विभाजित किया गया है। इसके अंतर्गत 50 से अधिक नवउद्यम निवेशकों के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, वहीं कार्यशालाओं, गोलमेज चर्चाओं एवं विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से युवाओं को नवाचार और कौशल विकास के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र