शोषितों और वंचितों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता: डॉ. संजय निषाद
नोएडा, 05 अप्रैल (हि.स.)। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने रविवार को नोएडा शहर में रोड शो निकालकर सेक्टर-21ए स्थित नोएडा इन्डोर स्टेडियम में एक जनसभा को सम्बोधित किया।
जनसभा में डॉ. संजय निषाद ने कहा कि आज नोएडा की धरती पर उमड़ा यह जनसैलाब इस बात का गवाह है कि अब शोषितों और वंचितों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। इन्डोर स्टेडियम, सेक्टर 21-ए में कई हजारों की संख्या में एकजुट हुए समाज ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हक और अधिकार की यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सभा नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति का आगाज है। जब समाज संगठित होता है, तो इतिहास बदलता है। हम रुकेंगे नहीं, हम झुकेंगे नहीं। अपने हक की आवाज को बुलंद करते रहेंगे जब तक कि अंतिम व्यक्ति को उसका अधिकार न मिल जाए।
उन्होंने कहा कि आज की एकता ने इतिहास लिख दिया, कश्यप, निषाद, गुज्जर समाज ने दिखा दिया कि जब हम एक होते हैं, तो ताकत बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सभा नहीं, बल्कि उन करोड़ों वंचितों की आवाज है जिन्हें दशकों तक अनदेखा किया गया। आज निषाद पार्टी के बैनर तले निषाद, कश्यप और गुज्जर समाज कंधे से कंधा मिलाकर अपनी हिस्सेदारी और हक की लड़ाई लड़ रहा है। सामाजिक न्याय के लिए विभिन्न समुदायों का एक मंच पर आना एक शुभ संकेत है।
सभा से पूर्व डॉ. संजय निषाद ने मीडिया से बातचीत में उन्होंने लोकतंत्र, जनता की ताकत और अपनी सरकार की नीतियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले के समय में राजा खुद तय करता था कि उसका कौन सा बेटा राजा बनेगा। लेकिन अब लोकतंत्र का युग है। यहां राजा रणनीति से नहीं, बल्कि जनता तय करती है कि कौन राजा बनेगा। उन्होंने कहा कि जो नेता जनता के हितों को उठाता है, जनता उसी को अपना राजा चुनती है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हमेशा जनता की आवाज उठाती है। वे एनडीए के सहयोगी दल हैं और जनता के हित में काम करते हैं।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी सवाल उठाते हुए पांच प्रश्न किया। उन्होंने कहा कि आपको निषाद की याद इतने दिन बाद क्यों आई ? आपने बहन फूलन देवी की प्रतिमा लखनऊ में स्थापित क्यों नहीं की ? फूलन देवी के हत्या की जांच मांग आप सीबीआई से कराने की क्यों नहीं करते ? फूलन देवी की माता को आपने सम्मान क्यों नहीं दिया ? उन्होने कहा कि अखिलेशजी आप यह बताएं कि आपने फूलन देवी की मां से अंतिम बार कब मुलाकात की ? उन्होंने रैली में मौजूद लोगों से कहा कि अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट रहें। अपने महापुरुषों के आदर्शों को याद रखें और अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि सरकार में रहते हुए हमने जो कार्य किए हैं उन्हें समाज तक पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है और आने वाले समय में और मजबूती से अपने हक की आवाज उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि हमें समाज को शिक्षा, रोजगार और आत्मनिरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। उन्होंने गुर्जर समाज को सम्बोधित करते हुए कहा कि निषाद पार्टी और गुर्जर समाज की प्रमुख मांगों को वह सरकार के समक्ष रखने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के चुनाव के बाद मंत्री बने तथा उन्हें मत्स्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने कहा कि मुझसे आज समाज के ठेकेदार हिस्सा मांगते की सरकार में 4 साल रहने के बाद मलाई काट लिया, और अब आरक्षण की याद आ रही है। उन्होंने कहा कि आज तक हम शांत थे। पर शांत पानी में ही लहर आती है और किनारे कब्जा करने वाले लोग यह भूल जाते हैं कि पानी उनका सब कुछ तहस-नहस कर सकता है।
उन्होंने कहा कि नोएडा का यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए एक स्पष्ट जवाब है जो कहते थे कि निषाद पार्टी को पूर्वांचल तक ही सीमित रखा जाएगा। आज दिल्ली के पास दो जिलों में कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम की सफलता इस बात का द्योतक है कि निषाद पार्टी का प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम शांतिप्रिय लोग हैं। किसी को ताकत दिखाना नहीं चाहते। हम मछुआ समाज के उत्थान के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

