विभाग की सफलता का एकमात्र पैमाना किसान की संतुष्टि : स्वतंत्र देव सिंह
लखनऊ, 08 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्यालय के सभागार में विभागीय कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनहित की परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लेटलतीफी या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि विभाग की सफलता का एकमात्र पैमाना किसान की संतुष्टि है।
समीक्षा बैठक के दौरान जल शक्ति मंत्री ने कृषि में जल के इष्टतम उपयोग पर जोर देते हुए सभी मुख्य अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक मुख्य अभियंता अपने-अपने संगठन और परिक्षेत्र में ‘वन ड्रॉप मोर क्रॉप’ (प्रति बूंद अधिक फसल) के सिद्धांत पर आधारित कम से कम एक नई और नवाचारी परियोजना का खाका तैयार करें। उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु और घटते जल स्तर के बीच हमें सिंचाई की ऐसी तकनीकें विकसित करनी होंगी जो कम पानी में किसानों को अधिकतम पैदावार दे सकें।
जल शक्ति मंत्री ने संगठनवार समीक्षा करते हुए मुख्य अभियंताओं से प्रदेश की नहरों, रजबाहों, अल्पिकाओं और साइफन की वर्तमान स्थिति का ब्यौरा मांगा। उन्होंने बैराजों, फीडर और रेगुलेटरों के संचालन में तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए और कहा कि फील्ड अफसर स्वयं मौके पर जाकर जल वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करें।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय

