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प्रश्न एवं संदर्भ समिति की बैठक में अधिकारियों से मांगा गया जवाब, विकास योजनाओं पर हुई गहन समीक्षा

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प्रश्न एवं संदर्भ समिति की बैठक में अधिकारियों से मांगा गया जवाब, विकास योजनाओं पर हुई गहन समीक्षा


प्रश्न एवं संदर्भ समिति की बैठक में अधिकारियों से मांगा गया जवाब, विकास योजनाओं पर हुई गहन समीक्षा


प्रश्न एवं संदर्भ समिति की बैठक में अधिकारियों से मांगा गया जवाब, विकास योजनाओं पर हुई गहन समीक्षा


प्रश्न एवं संदर्भ समिति की बैठक में अधिकारियों से मांगा गया जवाब, विकास योजनाओं पर हुई गहन समीक्षा


प्रश्न एवं संदर्भ समिति की बैठक में अधिकारियों से मांगा गया जवाब, विकास योजनाओं पर हुई गहन समीक्षा


गोरखपुर, 21 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की “प्रश्न एवं संदर्भ समिति” के तहत मंगलवार को एनेक्सी सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। समिति के सभापति ध्रुव कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में गोरखपुर सहित महाराजगंज और देवरिया जनपद के अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी ली गई और कई मामलों में जवाब तलब किया गया। बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ, विधायक राम सूरत राजभर, विजय बहादुर पाठक, महाराजगंज के जिलाधिकारी संतोष शर्मा, सीडीओ महाराजगंज महेन्द्र सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान समिति ने शासन की विभिन्न योजनाओं, विभागीय कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों की गहन समीक्षा की। सभापति ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने अधिकारियों से स्पष्ट और तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

समिति द्वारा आबकारी राजस्व वसूली, लंबित राजस्व, विद्युत आपूर्ति की स्थिति, लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए कार्यों, अधूरे परियोजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, मेडिकल कॉलेज, सीएचसी और पीएचसी में चिकित्सकों व कर्मचारियों के रिक्त पदों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाए गए। अधिकारियों से पूछा गया कि रिक्त पदों को भरने के लिए अब तक क्या प्रयास किए गए और दवाओं की उपलब्धता व जांच सुविधाओं की वर्तमान स्थिति क्या है।

शिक्षा विभाग से संबंधित बिंदुओं पर भी समिति ने विस्तार से जानकारी ली। परिषदीय विद्यालयों, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्युत व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता, स्कूलों में निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली, बिना मान्यता संचालित विद्यालयों की जांच, स्कूल बसों के परमिट व फिटनेस की स्थिति जैसे मुद्दों पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया।

इसके अलावा समिति ने यह भी पूछा कि कितने विद्यालय अभी तक विद्युत सुविधा से वंचित हैं और वहां व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। मिड-डे मील की गुणवत्ता, विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति और शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के स्थानांतरण व कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई।

परिवहन विभाग से संबंधित मामलों में बिना परमिट चल रहे वाहनों, 15 वर्ष से अधिक पुराने स्कूल वाहनों की स्थिति और ड्राइवर-कंडक्टर के सत्यापन पर भी सवाल उठाए गए। समिति ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सभापति ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि इस प्रकार की बैठकें केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने का माध्यम हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्यों में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।

बैठक के अंत में समिति ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे मांगी गई सूचनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराएं और जनहित से जुड़े मामलों में तेजी लाएं। इस दौरान संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय