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बाढ़ प्रबंधन को लेकर रोहिन नदी के तटबंधों पर बन रहे दो पंपिंग स्टेशन

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बाढ़ प्रबंधन को लेकर रोहिन नदी के तटबंधों पर बन रहे दो पंपिंग स्टेशन


गोरखपुर, 08 मई (हि.स.)। बाढ़ प्रबंधन को लेकर योगी सरकार की तरफ से किए गए ठोस उपायों की श्रृंखला में दो और महत्वपूर्ण कार्य जुड़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सिंचाई विभाग के ड्रेनेज खंड ने उत्तरी-पश्चिमी हिस्से को बाढ़ से बचाने के लिए महत्वपूर्ण कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसके तहत रोहिन नदी के किनारे बसे गांवों और नव शहरी क्षेत्रों को मानसून के मौसम में जलमग्न होने से बचाने के लिए दो स्थलों पर पंपिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं।

मानसून के समय काफी संवेदनशील हो जाने वाली रोहिन नदी पर बने तटबंधों को सुदृढ़ करने के साथ ही तटबंध के किनारे के क्षेत्रों में जल प्लावन की समस्या से निजात दिलाने के लिए मछलीगांव-अलगटपुर तटबंध और मानीराम-डोमिनगढ़ तटबंध पर दो पंपिंग स्टेशन अगले वर्ष जून माह तक बनाकर तैयार हो जाएंगे। उल्लेखनीय है कि हर साल मानसून के दौरान रोहिन नदी का जलस्तर बढ़ने से तटबंधों के किनारे बसे मोहल्लों और खेतों में पानी जमा हो जाता है। ड्रेनेज सिस्टम बाधित होने के कारण यह पानी हफ्तों तक नहीं निकल पाता। इसी समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे।

ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता आनंद गौतम बताते हैं कि एक पंपिंग स्टेशन रोहिन नदी के दाएं तट पर स्थित मछलीगांव-अलगटपुर तटबंध के किमी 18.200 पर कलान नाले पर कल्याणपुर के पास बनाया जा रहा है। करीब 55 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले पंपिंग स्टेशन में 40 क्यूसेक क्षमता के सात पंप लगाए जाएंगे। इसके अलावा यहां एक स्टैंडबाई पंप सहित 20 क्यूसेक क्षमता के तीन पंप भी होंगे। पंपों के निर्बाध संचालन के लिए 750 केवीए के चार डीजल जेनसेट और 62.5 केवीए का एक जेनसेट लगाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में 35 प्रतिशत से अधिक कार्य कराया जा चुका है।

दूसरा पंपिंग स्टेशन रोहिन नदी के दाएं तट पर स्थित मानीराम-डोमिनगढ़ तटबंध के किमी 10 पर ग्राम सिरिया के पास 57 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन है। करीब 40 प्रतिशत भौतिक प्रगति वाली इस परियोजना में भी 40 क्यूसेक क्षमता के सात पंप लगाए जाएंगे। साथ ही एक स्टैंडबाई पंप सहित 20 क्यूसेक क्षमता के तीन पंप भी होंगे। पंपों के संचालन के लिए 750 केवीए के चार डीजल जेनसेट और 62.5 केवीए के एक जेनसेट की व्यवस्था होगी। ड्रेनेज खंड के अधिशासी आनंद गौतम बताते हैं कि रोहिन नदी पर बनने वाले ये स्टेशन न केवल ग्रामीण इलाकों की फसलों को डूबने से बचाएंगे, बल्कि शहरी सीमा से सटे उन इलाकों को भी राहत देंगे जहां नदी के 'बैकवॉटर' के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय