हमीरपुर में एतिहासिक जवारा मेले के जुलूस में लुटाए गए बर्तन
आस्था के इस मेले में लाखों लोगों की उमड़ी भीड़
हमीरपुर, 01 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के बुधवार को, मुस्करा कस्बा के ऐतिहासिक जवारा मेला की शोभायात्रा बुधवार को धूमधाम से गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। सैकड़ों की संख्या में सांग धारण किए भक्तों और खप्पर में जवारे लिए महिलाओं ने कालका देवी मंदिर में मत्था टेका। लाखों की भीड़ के बीच पूरे कस्बे में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। साथ ही एक सप्ताह तक चलने वाले मेले का भी शुभारंभ हो गया।
कस्बा मुस्करा में 76 वर्ष पूर्व सन 1950 में चौत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन जवारे निकालने की परंपरा की शुरुआत हुई थी। विश्राम कुशवाहा व स्वर्गीय अमृतलाल दाऊ के दीवालों से बुधवार दोपहर शोभायात्रा प्रारंभ हुई, जिसमें घोड़े, बैंड-बाजे, डीजे व स्कूली झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा पुरवा मुहाल से होते हुए पंचायतघर मार्ग से शीतला देवी मंदिर पहुंची, जहां पान-बतासा चढ़ाया गया। इसके बाद रामजानकी मंदिर में पूजन-अर्चन करते हुए गुदरिया बाबा में झंडा भेंट किया गया, जहां सैकड़ों भक्तों ने सांग धारण किए। भक्ति गीतों व अचरी के बीच श्रद्धालु झूमते नजर आए। गुदरिया बाबा से आगे बढ़ती शोभायात्रा डाकखाना व मस्जिद तिराहे होते हुए राठ-हमीरपुर मुख्य मार्ग पर पहुंची। शाम होते ही मार्ग पर तीन घंटे तक यातायात पूर्व सूचना के अनुसार रूट डायवर्जन लागू रहा। मुस्करा जवारा जुलूस में लगभग 40 गांव के लोग जवारा जुलूस देखने आते हैं लाखों की संख्या में चारों तरफ सिर ही सिर दिखाई देते हैं सैकड़ों की संख्या में घोड़े भजन कीर्तन मंडलीय दलदल घोड़ी बहरूपिया पार्टी तथा स्कूली झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रही इस दौरान जेसीबी पर चढ़कर बर्तन लुटाने की परंपरा निभाई गई।
साथ ही गेंद फेंकने और गेंद के बदले बर्तन पाने के लिए लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। जनपद में नवागत पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए गुद रिया बाबा स्थान तक रूट का भ्रमण किया। प्रभारी निरीक्षक योगेश तिवारी, सीओ राठ, मौदहा सी ओ व मुस्करा थानों की पुलिस के साथ भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। पुलिस ने स्वयंसेवकों के साथ बेहतर तालमेल बनाते हुए मेले की भीड़ व श्रद्धालुओं का कुशल प्रबंधन किया, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सांग धारण किए भक्त मां जालपा देवी मंदिर में मत्था टेकते हुए कालिका देवी मंदिर पहुंचे, जहां बुधवार को शाम करीब 7.30 बजे शोभायात्रा का समापन हुआ। सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर खप्पर में जवारे रखकर विसर्जन किया। ग्राम वासियों की ओर से जगह-जगह पेयजल व निःशुल्क शरबत की व्यवस्था की गई। ग्राम प्रधान महेंद्र प्रताप उर्फ बबलू ने बताया कि 01 व 02 अप्रैल को झांसी के कलाकारों द्वारा कार्यक्रम एवं 03 अप्रैल को सांस्कृतिक जागरण का आयोजन किया जाएगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा

