बीएलओ ड्यूटी के नाम पर शिक्षण कार्य प्रभावित करना उचित नहीं : जिलाधिकारी
कानपुर, 07 मार्च (हि.स.)। शिक्षकों का मुख्य कार्य अध्यापन है और किसी भी स्थिति में पठन-पाठन प्रभावित नहीं होना चाहिए। बीएलओ की ड्यूटी विद्यालय प्रारंभ होने से पहले या विद्यालय की छुट्टी के बाद करने का निर्देश है। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अलग से एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय भी दिया जाता है। शिक्षकों को उनका वेतन शिक्षण कार्य के लिए मिलता है, इसलिए बीएलओ ड्यूटी के नाम पर अपने मूल कार्य से विरत होना उचित नहीं है।” यह बातें शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहीं।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार काे कंपोजिट विद्यालय कठेरुआ का जायजा लिया। इस दौरान तीन शिक्षिकाएं आरती, विभा निगम और अनिता कटियार विद्यालय में अनुपस्थित पाई गईं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तीनों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। शिक्षिकाओं ने अनुपस्थिति का कारण बीएलओ ड्यूटी बताया।
इस पर जिलाधिकारी ने मौके से ही मोबाइल फोन के माध्यम से तीनों शिक्षिकाओं से बात कर विद्यालय न आने की वजह पूछी। बातचीत में सामने आया कि दो शिक्षिकाएं अपने घर पर थीं, जबकि एक ने रास्ते में होने की बात कही।
विद्यालय में सविता, अर्चना राठौर, शशि गौतम और अस्मिता तिवारी उपस्थित मिलीं, जबकि दो शिक्षामित्र भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते पाए गए। वहीं, दो शिक्षक बीएलओ कार्य देखने के साथ-साथ अध्यापन कार्य भी करते मिले। जिलाधिकारी ने ऐसे शिक्षकों की सराहना की, जो बीएलओ ड्यूटी निभाने के साथ विद्यालय में भी नियमित रूप से उपस्थित रहकर पठन-पाठन का कार्य कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में संचालित मिड-डे मील योजना का भी जायजा लिया। उस दिन भोजन में चावल, दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी बनाई गई थी। जिलाधिकारी ने भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता की जांच की।
इस दौरान जिलाधिकारी ने आईसीडीएस विभाग द्वारा संचालित फेस रिकग्निशन प्रणाली का भी अवलोकन किया। उन्होंने लाभार्थी आरती देवी का फेस डिटेक्शन कर गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले ड्राई राशन किट वितरण की प्रक्रिया देखी। जिलाधिकारी ने कहा कि इस व्यवस्था से लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित होगी और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।
उन्होंने कक्षाओं में स्मार्ट क्लास के माध्यम से हो रही पढ़ाई भी देखी। कक्षा सात के छात्रों से पर्यावरण प्रभाव और टेंस से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका बच्चों ने संतोषजनक उत्तर दिया। जिलाधिकारी ने छात्रों की सराहना करते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

