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शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक मानदेय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

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शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक मानदेय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन


जौनपुर, 21 सितंबर (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में अशासकीय अनुदानित महाविद्यालय, विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ ने सेवा सुरक्षा, सम्मानजनक मानदेय और सेवा विनियमन की मांग को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। शिक्षकों ने ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह को सौंपा है।शिक्षक संघ ने शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के सांकेतिक बहिष्कार की घोषणा करते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।

संघ के अनुसार, प्रदेश के 331 अनुदानित महाविद्यालयों में वर्ष 2000 से संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में करीब तीन हजार असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत हैं। शिक्षक पिछले नौ वर्षों से नियमितीकरण या यूजीसी वेतनमान के साथ सेवा सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।

संघ ने स्पष्ट किया कि वह कैशलेस चिकित्सा योजना का विरोध नहीं कर रहा है। 25 वर्षों से लंबित सेवा संबंधी समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए योजना का सांकेतिक बहिष्कार किया जा रहा है। संघ ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ रोजगार और सेवा सुरक्षा भी शिक्षकों के सम्मानजनक जीवन के लिए जरूरी है।

शिक्षकों ने स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों की दोहरी व्यवस्था समाप्त कर संबंधित विषयों को अनुदान पर लेने, यूजीसी मानकों के अनुरूप योग्य शिक्षकों की सेवाओं को विनियमित या संरक्षित करने तथा वैकल्पिक रूप से यूजीसी वेतनमान के अनुरूप निश्चित और सम्मानजनक मानदेय के साथ सेवा सुरक्षा देने की मांग की।

संघ के अनुसार, पिछले चार वर्षों में शासन, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न समितियों को कई ज्ञापन दिए जा चुके हैं। उच्च शिक्षा मंत्री, विधान परिषद और विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया गया है।

ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार मिश्रा, महामंत्री डॉ. संतोष कुमार पांडेय, डॉ. ओम प्रकाश दुबे, डॉ. मृत्युंजय मिश्रा, डॉ. त्रिपुरारी उपाध्याय, डॉ. गुंजन मिश्रा, डॉ. संतोष तिवारी, डॉ. सुधाकर शुक्ला, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, विक्रम प्रताप सिंह,और डॉ. प्रवीण कुमार सिंह समेत कई शिक्षक शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव