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देवरिया: गांव-गांव खोजे जा रहे टीबी मरीज, 678 शिविरों में 71 रोगियों की हुई पुष्टि

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देवरिया: गांव-गांव खोजे जा रहे टीबी मरीज, 678 शिविरों में 71 रोगियों की हुई पुष्टि


देवरिया: गांव-गांव खोजे जा रहे टीबी मरीज, 678 शिविरों में 71 रोगियों की हुई पुष्टि


देवरिया, 11 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन के लिए 24 मार्च से चल रहे सौ दिवसीय सघन अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग गांव-गांव पहुंचकर हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से संभावित मरीजों की जांच कर रहा है। अब तक जिले में आयोजित 678 एक्स-रे शिविरों के जरिए 54,240 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 71 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है। सभी मरीजों का इलाज स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में जारी है। वर्तमान में जिले में 3,074 टीबी मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने शनिवार को बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के नेतृत्व में ग्राम प्रधान, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, सहायिकाओं, कोटेदारों, स्वयंसेवकों तथा रोगी हितकारी मंच के सहयोग से नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में लंबे समय से खांसी, बुखार, वजन कम होना, कमजोरी और अन्य लक्षणों से पीड़ित लोगों की जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे एक्स-रे रिपोर्ट का तेजी से विश्लेषण कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान संभव हो रही है। जिन लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है, उन्हें तत्काल उपचार से जोड़कर नियमित दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों की लगातार निगरानी भी कर रही है।

डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि दस्तक अभियान के दौरान आशा और स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों, समय पर जांच, नियमित दवा सेवन, पौष्टिक आहार और आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य टीबी की शीघ्र पहचान कर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना और जिले को टीबी मुक्त बनाना है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 22 ट्रू-नैट तथा 3 सीबी-नैट मशीनें उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से टीबी की तेज और सटीक जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह की 20 तारीख को टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की जाएगी। साथ ही सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लेने तथा उनके पोषण और उपचार में सहयोग करने की अपील की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक