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उप्र में पुलिस जाति के आधार पर कर रही कार्रवाई : स्वामी प्रसाद मौर्य

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उप्र में पुलिस जाति के आधार पर कर रही कार्रवाई : स्वामी प्रसाद मौर्य


लखनऊ, 02 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने शनिवार को गोमती नगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। अपने तीखी बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रदेश में जातिगत आधार पर पुलिस कार्रवाई कराए जाने का आरोप भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर लगाया है।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि उप्र में दलितों-पिछड़ों के 'एनकाउंटर' हो रहे हैं जबकि अपराधियों को जाति के आधार पर संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछड़ों का 'हाफ' या 'फुल' एनकाउंटर किया जा रहा है। उन्होंने कानून व्यवस्था में सुधार करने और हाल में हुए महिला अपराधों के आरोपितों पर कार्रवाई न होने पर 4 मई को सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।

श्री मौर्य ने हरदोई और गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रदेश में 'जंगलराज' का दावा किया और कहा कि कानून का राज खत्म हो चुका है। उक्त जिलों में हुई घटनाओं को पुलिस की बड़ी लापरवाही बताया।

उन्होंने कहा कि हरदोई के मल्लावां में युवती की फावड़े से हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। वहीं गाजीपुर में युवती के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस पर अपराधियों को न पकड़ने का आरोप लगाया। इसी तरह प्रतापगढ़ में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है। कानपुर और मुरादाबाद में दलित, पिछड़ों पर कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त कर इसे जातिगत आधार पर पुलिस कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं प्रदेश में कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के सरकार के दावों के विपरीत हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने पीड़ित परिवार से मिलने गए पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने की निंदा की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कानून व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और गाजीपुर मामले के आरोपितों पर कार्रवाई नहीं की गई तो 4 मई को वे आंदोलन करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा